पिपरी कोतवाली के चलौली गांव में जमीन का बयाना लेकर भूस्वामियों पर रजिस्ट्री नहीं करने की आरोप है। पीड़ित ने मामले की शिकायत एसपी से की है। एसपी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई गई।
पूरामुफ्ती कोतवाली के बिहिका उर्फ पूरामुफ्ती निवासी अरविंद सोनकर के मुताबिक उसने चलौली गांव निवासी मुकेश केसरवानी, विजय केसरवानी, भोला केसरवानी और रामबाबू केसरवानी आदि से सड़क किनारे स्थित पांच बीघा छह बिस्वा जमीन का 4.08 करोड़ 10 हजार रुपये में सौदा किया था। अग्रिम 50 हजार रुपये फर्म के अकाउंट में और 16 लाख रुपये गवाहों के सामने नकद बतौर बयाना देकर जमीन पर कब्जा ले लिया था। जिस पर 18 लाख रुपये खर्च कर सौंदर्यीकरण भी करवाया जा चुका है।
आरोप है कि विक्रेतागणों ने इसी बीच साजिशन एसडीएम कोर्ट में बंटवारे का झूठा मुकदमा दाखिल कर दिया। ताकि, सौदे के मुताबिक दिया गया 15 माह का समय बीत जाए। जबकि क्रेता को बकाया धनराशि अदा कर जमीन का बैनामा करवाना था। आरोप है कि बंटवारे का मुकदमा निस्तारण होने के बाद विक्रेतागण बैनामा करने से अब इंकार कर रहे हैं। दो अगस्त को वह साथियों संग खरीदी गई भूमि पर पहुंचा तो विक्की, मुकेश, विजय, भोला और रामबाबू केसरवानी ने लाठी, डंडा और कट्टा लेकर उसे मारना-पीटना शुरु कर दिया।
आरोप है कि मुकेश ने जान से मारने के लिए कट्टे से फायर कर दिया। किसी तरह उसने अपनी जान बचाई। शोर सुन जुटे लोगों ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया। आरोप है कि तहरीर लिखवाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद पीड़ित ने एसपी से शिकायत की। एसपी बृजेश श्रीवास्तव के निर्देश पर थानाध्यक्ष बलराम सिंह ने मंगलवार को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन में जुट गई है।