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Kaushambi News: मिलावट खोरी...पिछले साल का रिकॉर्ड खराब पर डरें नहीं, सिर्फ सतर्कता बरतें

Wed, 20 Mar 2024 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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होली-दिवाली पकवान न खाया तो क्या खाया। गुझिया कहां रोज-रोज बनती है। इसका लुत्फ जरूर लें। लेकिन ध्यान रखें। हर त्योहार मिलवाटखोरी का भी त्योहार होता है। पिछले वर्ष होली और दिवाली के मौके पर लिए गए खोवा, कचरी, मिठाई, सरसों के तेल आदि के करीब दो दर्जन नमूने जांच में फेल मिले हैं। फिर भी आप डरें नहीं, सिर्फ सतर्कता से खरीदारी करें। शक हो तो परीक्षण कर लें।
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बाजार में बिकने वाली सामग्री के जो नमूने लिए जाते हैं, उनकी जांच रिपोर्ट कई महीने में आती है। तब माल बिक चुका होता और लोग खा चुके होते हैं। इसलिए विश्वसनीय दुकान से खरीदारी आवश्यक है।
एफएसडीए ने वर्ष-2023 में होली पर 22 स्थानों पर छापा मारा था। इसमें खोवा के तीन, दूध के एक नमूने समेत अन्य खाद्य पदार्थों के नौ नमूने लिए गए थे। जांच में खोवा के तीन, दूध, बेसन, सरसों के तेल का एक-एक नमूने असुरक्षित मिले हैं। कस्तूरी मेथी, चिप्स, फ्राई कचरी का भी एक-एक नमूना लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
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दीपावली में 20 स्थानों पर छापा मार कर टीम ने 15 नमूने लिए थे। सबसे ज्यादा सात नमूने खोवा के थे, जिसमें से पांच नमूने जांच के दौरान मिलावटी मिले। दो की अभी रिपोर्ट आना बाकी है। बेसन और सरसों के तेल के दो-दो, वेजीटेबल ऑयल का एक और पेड़ा के तीन नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। यह सभी नमूने फेल हो गए हैं।
जिन कारोबारियों के प्रतिष्ठानों से मिलावटी खाद्य वस्तुएं मिली हैं, उनके खिलाफ औषधि प्रशासन विभाग ने अपर जिलाधिकारी के न्यायालय में दायर कर दिए हैं। इससे स्पष्ट है कि मिलावटखोरी की जड़ें कितनी गहरी हैं।
पिछले वर्ष होली पर कड़ा ब्लॉक की एक डेयरी से दूध का नमूना लिया गया था। जांच हुई तो फैट कम मिला। अलीपुर जीता स्थित मिठाई की दुकान और गिरधरपुर गढ़ी कड़ाधाम की दुकान से खोवा का नमूना लिया गया था। इसमें भी फैट कम मिला। दीपावली में किराना की दुकान से लिए गए सरसों के तेल के नमूने में रंग मिला पाया गया।
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मिठाई की जगह सूखे मेवे से करें स्वागत

मेडिकल कॉलेज की फिजीशियन डॉ. सुरभि प्रकाश का कहना है कि बाजार से खोवा, कचरी, पापड़ आदि खरीदने की जगह घर में ही बनाएं। मिठाई में पड़ने वाला रंग केमिकल युक्त हो सकता है, जो सेहत के लिए हानिकारक होता है। मेहमानों के लिए मिठाई की जगह पर सूखे मेवे का प्रयोग कर सकते हैं।

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ऐसे करें शुद्धता की जांच
मेडिकल स्टोर में मिलने वाले आयोडिन टिंचर से खोवा की जांच की जा सकती है। खोवा में मिलाने पर अगर इसका रंग बदलता है तो मिलावट रहती है। सरसों के तेल में पॉम ऑयल और राइस ब्रान की मिलावट का पता लाने के लिए उसे तीन घंटे के लिए फ्रिज में रख दीजिए। मिलावट होगी तो तेल जम जाएगा, अन्यथा नहीं।

वर्जन

मिलावट की सटीक सूचना होने पर ही छापा मारा जाता है। इसलिए नमूनों के फेल होने से यह कहना उचित नहीं रहेगा कि जिले में मिलावट खूब हो रही है। जो नमूने फेल हुए हैं, उनके खिलाफ वाद न्यायालय में विचाराधीन हैं।
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- शशिशेखर, सहायक आयुक्त खाद्य
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