मांगों को लेकर 11 दिन से धरने पर बैठी आशा बहुओं के सब्र का बांध रविवार को टूट गया। नियमितीकरण को लेकर आशा बहुओं ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। शासन-प्रशासन को दोषी करार देते हुए रविवार को आर-पार की लड़ाई का ऐलान कि या। संगठन की जिलाध्यक्ष रहनुमा बानो हाशमी ने कहा कि आशाओं को नियमित किया जाए। साथ ही उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा देते हुए मानदेय 18 हजार और 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा कराया जाए। चेताया कि मांगें पूरी होने तक उनका क्रमिक आमरण अनशन जारी रहेगा। इस मौके पर आशा बहु सुधा सिंह, राम सवारी, प्रेम लता, रीता देवी, रेखा देवी, सुनीता देवी, गायत्री देवी, मीना देवी, संगीता देवी आदि मौजूद रही।