जिले में मिट्टी का टीला एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। एक साल पहले कोखराज थाना क्षेत्र के टीकरडीह गांव में मिट्टी का टीला गिरने से पांच लोगों की मौत हुई थी। रविवार को चकथामा गांव में भी वैसा ही हादसा हो गया। टेंवा ग्राम प्रधान अवनीश त्रिपाठी का कहना है कि ऐसे स्थलों की नियमित निगरानी और खतरनाक टीलों का समतलीकरण बेहद जरूरी है। डीएम अमित पाल ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि ग्रामीण स्तर पर जांच कराकर सभी जोखिम वाले टीलों की पहचान की जाएगी और उनका समतलीकरण कराया जाएगा, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।