मंझनपुर। लापरवाही पर बर्खास्त की गई आधा दर्जन आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने कलेक्ट्रेट आकर बहाली की गुहार जिलाधिकारी से की है। कार्यकत्रियों के मुताबिक जांच के दिन उनकी ड्यूटी टीकाकरण के लिए एएनएम और आशा बहुओं के साथ लगाई गई थी। इसी ड्यूटी में जाने के कारण वे केंद्र से बाहर थीं। जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ने की आई रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने छह अक्तूबर को आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच कराई थी। जिलास्तरीय और ब्लाक अफसरों ने इस दौरान जिलेभर के कुल 37 आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच की थी। इस दौरान अफसरों को कई केंद्र बंद मिले थे। इनमें से सरसवां तृतीय की आंगनबाड़ी कार्यकत्री सोनम, सहायिका बुधरानी देवी, गरौली प्रथम की राजमति देवी, सौरई खुर्द सिराथू की कार्यकत्री रामदेवी सहायिका संध्या देवी को गैरहाजिर मिलने पर बर्खास्त कर दिया गया था। सोमवार को ये आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं कलेक्ट्रेट आईं और जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर अपना पक्ष रखा। सौरई खुर्द केंद्र की कार्यकत्री रामदेवी का कहना है कि जिस दिन केंद्र की जांच कराई गई थी। वह यों और सहायिकाओं के मुताबिक जिस दिन केंद्र की जांच कराई गई थी, वे एएनएम सतीअम्मा और आशा बहू के साथ टीकाकरण के काम में लगी हुई थी। इसी वजह से केंद्र नहीं आ सकी थी। कुछ ऐसा ही कारण अन्य कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने भी गिनाते हुए जिलाधिकारी से बहाली की गुहार लगाई है।