मंझनपुर। आर्थिक रूप से कमजोर हो चुकी साधन सहकारी समितियाें के फिर से अपने पैरों पर खड़े होने की उम्मीद जाग उठी है। पिछले महीने चलाए गए सदस्यता अभियान में शासन ने जो लक्ष्य निर्धारित किया था उससे 21 फीसदी अधिक किसानों ने शेयर खरीदे और समितियों के हिस्सेदार बने। इससे जहां समितियों में 66.93 लाख रुपये का निवेश हुआ, वहीं किसानों को आगे चलकर विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
जिले में 64 साधन सहकारी समितियां हैं। पहले करीब एक लाख सदस्य इन समितियों से जुड़े थे। जबकि जिले में किसानों की संख्या करीब सवा दो लाख है। दिन प्रति दिन समितियों की हालत खराब होती जा रही थी। इसी को देखते हुए पिछले महीने एक सितंबर से लेकर 30 सितंबर तक सदस्यता अभियान चलाया गया।
समितियों के कर्मचारियों ने गांव-गांव कैंप लगाए। समितियों में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाई। इसी का नतीजा रहा कि शासन से मिले 17920 के सापेक्ष 21819 किसानों ने समितियों के 62390 शेयर खरीद कर समितियों की सदस्यता ली। इस सदस्यता अभियान से समितियों को 6693356 रुपये का आर्थिक फायदा भी हुआ। सदस्य बनने के बाद किसान समितियों से खाद, बीज और छूट पर कृषि यंत्र ले सकेंगे। इसके अलावा जमा की गई शेयर की रकम का 20 गुना तक ऋण भी ले सकते हैं। यह ऋण तीन फीसदी ब्याज दर पर दिया जाएगा।
-
अभियान की प्रगति पर एक नजर
जिले में कुल समितियां - 64
समितियों के बिके शेयर- 62390
शेयर से मिली धनराशि - 6693356
सदस्यता का लक्ष्य - 17920
जोड़े गए सदस्य - 21819
लक्ष्य प्राप्ति का प्रतिशत - 121.76
-
ब्लॉकवार समितियों और जुड़े सदस्यों की संख्या
ब्लॉक - समिति - जुड़े सदस्य
नेवादा - 09 - 3560
मंझनपुर - 10 - 3584
सरसवां - 06 - 2041
कड़ा - 10 - 3195
कौशाम्बी - 10 - 3417
मूरतगंज - 07 - 2239
सिराथू - 07 - 2196
चायल - 05 - 1587
वर्जन
शासन के निर्देश पर समितियों में सदस्य बनाने के लिए चलाया गया अभियान सफल रहा है। विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत की। इसी का नतीजा रहा कि जो लक्ष्य दिया गया था उससे अधिक किसानों को सदस्य बनाया गया है। इन किसानों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास किया जाएगा।-
आरके द्विवेदी, एआर को-ऑपरेटिव