ठंड से सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर समेत सात की थमीं सांसें
भगवतपुर, कसेंदा, चरवा, सिराथू, हब्बूनगर, पथरावां तथा पूरबशरीरा में हुई घटनाएं, परिजनों में कोहराम
अमर उजाला ब्यूरो
चायल/सिराथू/पश्चिमशरीरा/चरवा/कड़ा।
दोआबा में ठंड का सितम जारी है। इसकी जद में आने से गुजरे 24 घंटे के दौरान सेवानिवृत्त कोतवाल समेत सात लोगों की मौत हो गई। अलग-अलग क्षेत्रों में हुई मौतों से पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
हफ्ते भर से पड़ रही ठंड लगातार जानलेवा बनी हुई है। हर रोज चार-छह लोग इसकी जद में आने से मौत का शिकार हो रहे हैं। मंगलवार की रात से लेकर बुधवार की शाम तक जिले के अलग-अलग हिस्से से आधा दर्जन लोगों की सांसें थम गईं। पहली घटना चायल तहसील के भगवतपुर गांव में मंगलवार रात को हुई। यहां के रहने रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर अयोध्या प्रसाद (75) ने दोपहर में स्नान किया। इसके बाद पूजा करते-करते उन्हें ठंडक का एहसास हुआ। देखते ही देखते उनकी हालत बिगड़ने लगी। परिजनों ने उन्हें इलाहाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। इलाज के दौरान रात में उनकी सांसें थम गईं। इसी तरह कसेंदा निवासी सरताज (40) मंगलवार को अकबरपुर बाजार गया था। दिनभर कामधाम करके शाम को घर लौटने पर उसे कंपकंपी लगी। घर वाले उसे अस्पताल ले जाते कि इससे पहले उसकी सांसें थम गईं। चरवा पश्चिम थोक निवासी लालता प्रसाद (65) इधर काफी दिनों से मुफलिसी में जिंदगी गुजार रहा था। पैसों के अभाव में वह अपना इलाज भी नहीं करा पा रहा था। बुधवार की दोपहर अचानक ठंड की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। पड़ोसियों ने चंदा इकट्ठा कर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इसी तरह सिराथू कस्बे के अंबेडकर नगर मोहल्ला निवासी शिवदास उर्फ जंगी सरोज (54) की मंगलवार रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। घर वाले उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी ही कर रहे थे कि उसकी सांसें थम गईं। परिजनों का कहना है कि जंगी की मौत ठंड के चलते हुई है। हब्बू नगर सिपाह निवासी बहार उद्दीन (40) को बुधवार की सुबह अचानक ठंडी लगी। परिजन घरेलू उपचार कर ही रहे थे कि उसकी मौत हो गई। पथरावां गांव के मजरा खोजवापुर निवासी दमा पीड़ित ज्ञानमति (70) पत्नी इंद्रपाल की भी बुधवार शाम पांच बचे ठंड की चपेट में आने से मौत हो गई। इसी तरह सदर तहसील के पूरबशरीरा निवासी बाबू पांडेय की 20 वर्षीय बेटी तनु ने घर में सुबह स्नान किया। इसके बाद अचानक उसे कंपकंपी महसूस हुई। घर वाले कुछ समझ पाते कि इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। बेटी की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। घर वालों ने दोपहर में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया।