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संसाधन विहीन आबकारी, कैसे करे छापेमारी

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संसाधन विहीन आबकारी, कैसे करे छापेमारी
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जिले के तीन इंस्पेक्टरों के पास नहीं है सरकारी वाहन
स्थानीय पुलिस के भरोसेे की जाती है दबिश
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। लोकसभा चुनाव को लेकर गांव-गांव बनाई जा रही अवैध शराब को पुलिस तो पकड़ रही है लेकिन आबकारी महकमा लाचार है। वजह ये कि विभाग के पास न तो वाहन है और न ही संसाधन। ऐसे में खनन के बाद सर्वाधिक राजस्व देने वाला महकमा खुद को असहाय महसूस कर रहा है।
कौशाम्बी के राजस्व में सबसे ज्यादा हिस्सा बालू खनन और आबकारी का है। खनन के लिए पुलिस, प्रशासन, खनिज और परिवहन विभाग की टीम गठित है। इसके विपरीत दूसरे स्थान पर राजस्व देना वाला महकमा आबकारी संसाधनों के अभाव से जूझ रहा है। जिले में सिराथू और चायल सर्किल में महिला आबकारी इंस्पेक्टरों की तैनाती है। इन लोगों के पास न तो सरकारी वाहन हैं और न ही पर्याप्त फोर्स। अवैध शराब बनने की जानकारी के बावजूद आबकारी दस्ते को स्थानीय पुलिस की मदद लेनी पड़ती है। पुलिस की व्यस्तता के कारण ज्यादातर मामलों में आबकारी दस्ते को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाता है। नतीजतन जिले में बड़े पैमाने पर फल-फूल रहे अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
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पुलिस को मिलती है शराब, आबकारी को निल
मंझनपुर। अवैध शराब के खिलाफ एसपी प्रदीप गुप्ता के निर्देश पर अभियान चलाया जाता है। जिले की पुलिस एक दिन के अभियान में सैकड़ों लीटर शराब बरामद करने का दावा करती है। दूसरी तरफ जो विभाग शराब पकड़ने के लिए बना है, उसकी बरामदगी शून्य ही रहती है।
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स्प्रिट की दुकानों में लगती है भीड़
मंझनपुर। जिले में स्प्रिट की जो भी दुकानें है वहां खुले आम पियक्कडों की भीड़ लगती है। अस्पताल के इस्तेमाल में बेची जाने वाली स्प्रिट लोग नशे के इस्तेमाल में करते हैं। चंद पैसों की लालच में पुलिस और आबकारी विभाग स्प्रिट दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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गैर प्रांतों की डंप होने लगी शराब
मंझनपुर। लोकसभा चुनाव को देखते हुए जिले में गैंर प्रांतों की शराब लोग डंप कर रहे हैं। पिछले दिनों सैनी, पिपरी और महेवाघाट कोतवाली की पुलिस गैर प्रांतों की शराब पकड़ी भी जा चुकी है। इसके बावजूद आबकारी विभाग के खाते में एक भी सफलता नहीं आई।
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इनका कहना है
आबकारी विभाग के पास संसाधनों का अभाव है। इसके बावजूद जहां पर अवैध शराब बनने या गैर प्रांत की शराब बेचे जाने की शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाती है।
बीबी मनिक, जिला आबकारी अधिकारी
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