फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kasganj: ई-डिस्ट्रिक की वेबसाइट ठप, 60 हजार आवेदक परेशान, तकनीकी कमी से पांच जनवरी से बंद है

Thu, 12 Jan 2023 05:27 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज

सार

कासगंज में पांच जनवरी से ई-डिस्ट्रिक की वेबसाइट बंद पड़ी है। इसकी वजह से आय, जाति, निवास सहित अन्य जरूरी दस्तावेज नहीं बन पा रहे हैं। इससे आमजन परेशान हैं। अब तक 60 हजार से अधिक आवेदन एकत्र हो चुके हैं। 
विज्ञापन
ई-डिस्ट्रिक की वेबसाइट बंद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कासगंज में ई-डिस्ट्रिक की वेबसाइट पांच जनवरी से तकनीकी कमी से बंद है। इसके चलते आवेदक काफी परेशान हैं। अब तक 60 हजार से अधिक आवेदन एकत्र हो चुके हैं। उनके आय, जाति, मूल निवास सहित अन्य आवेदन नहीं हो पा रहे। इससे आवेदक जनसेवा केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। 

विज्ञापन


शासन से आय, जाति,मूल निवास आदि  प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ई डिस्ट्रिक वेबाइसाइट संचालित की जा रही है। इस वेबसाइट से जनसेवा केंद्र के माध्यम से प्रमाणपत्र बनवाने की सुविधा है। जिले की 423 ग्राम पंचायतों में दो दो जनसेवा केंद्र खुले हुए है। इसी तरह निकाय क्षेत्र के 158 वार्डों में दो दो जनसेवा केंद्र संचालित हो रहे हैं। ताकि लोगों को अपने आवेदन के लिए तहसील या फिर संबंधित विभाग के चक्कर न काटने पडें। इन केंद्रों से एक दिन में 10 हजार तक आवेदन हो जाते हैं। 

छह दिन से तकनीकि खराबी की बजह से ई डिस्ट्रिक की वेबसाइट बंद पड़ी है, जिससे जिन लोगों ने अपने पहले आवेदन कर रखे थे उनके प्रमाणपत्र लटक गए हैं, वहीं जिन लोगों को अपने आवेदन करने हैं वे जनसेवा केंद्र पर पहुंचकर जानकारी में जुटे हैं ताकि साइट खुलने पर अपने आवेदन कर सकें।

यह है फैक्ट फाइल

  • ग्रामीण क्षेत्र में संचालित जनसेवा केंद्र - 846
  • नगरीय निकाय क्षेत्र में संचालित जनसेवा केंद्र - 316

विज्ञापन

जनसेवा केंद्र संचालक रिहान खान ने कहा एक दिन में विभिन्न सेवाओं के 60 से अधिक आवेदन आ जाते हैं, लेकिन छह दिन से ई डिस्ट्रिक साइट बंद होने से कोई भी पोर्टल कार्य नहीं कर रहा। इससे काफी अहित हो रहा है। 

जनसेवा केंद संचालक जावेद ने कहा ई-डिस्ट्रिक की वेबसाइट पांच जनवरी से बंद पड़ी है। जिससे राजस्व विभाग सहित अन्य विभागों के ऑनलाइन आवेदन नहीं हो पा रहे। आवेदकों को वापस लौटना पड़ा रहा है। पुराने प्रमाण-पत्र भी अटके हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें