फोटो 21 - सिढ़पुरा में सीएचसी के बाहर बैठकर टीकाकरण करती स्वास्थ्य कर्मी। स्रोत : संवाद
सिढ़पुरा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिढ़पुरा में पिछले सप्ताह हुई बारिश के बाद जमा हुआ गंदा पानी अब तक नहीं निकल सका है। परिसर में जलभराव के चलते सोमवार से शनिवार तक ओपीडी सड़क किनारे संचालित करनी पड़ी। शनिवार को बच्चों का टीकाकरण भी स्वास्थ्य केंद्र के भीतर होने के बजाय सड़क किनारे कराया गया। इससे मरीजों और तीमारदारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।पीएचसी परिसर में पानी भरा होने से सामान्य उपचार के साथ आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को 108 एंबुलेंस के माध्यम से दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजना पड़ रहा है। इसके चलते स्थानीय लोगों को इलाज के लिए दूर स्थित स्वास्थ्य केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। जलभराव से निजात दिलाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर बीडीओ सिढ़पुरा की ओर से पिछले तीन दिनों से परिसर में बोरिंग कराई जा रही है। मकसद पानी को जमीन के भीतर पहुंचाकर निकासी की व्यवस्था करना है। हालांकि शनिवार तक कराए गए सभी प्रयास असफल रहे और किसी भी बोरिंग से पानी निकासी का रास्ता नहीं बन सका।लगातार कई दिनों से परिसर में जमा पानी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है। उपचार, आपात सेवा और टीकाकरण जैसी जरूरी गतिविधियां खुले में संचालित करनी पड़ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो मरीजों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। चिकित्सा अधीक्षक प्रदीप गौतम के अनुसार, लगातार उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया जा रहा है। आला अधिकारियों के निर्देश पर पिछले तीन दिनों से बीडीओ की देखरेख में पीएचसी प्रांगण में बोरिंग का कार्य कराया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक परिणाम नहीं मिला है। इससे परिसर में भरे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है और पीएचसी की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं। वर्तमान में ओपीडी और टीकाकरण का कार्य पीएचसी के बाहर किया जा रहा है। वहीं, गंभीर मरीजों को 108 एंबुलेंस के माध्यम से गंजडुंडवारा सीएचसी रेफर किया जा रहा है।
फोटो 21 - सिढ़पुरा में सीएचसी के बाहर बैठकर टीकाकरण करती स्वास्थ्य कर्मी। स्रोत : संवाद