कासगंज। जिले में डिप्थीरिया के बढ़ते खतरे के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग जल्द ही स्कूलों में विशेष टीकाकरण अभियान चलाएगा। 20 से 30 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान के लिए तैयारी शुरू कर दी गई हैं। इस दौरान पहली, पांचवीं और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को डिप्थीरिया से बचाव के टीके लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, छोटे बच्चों को 2, 4, 6 और 15-18 महीने की उम्र में नियमित टीकाकरण के तहत डोज दी जाती है, लेकिन इसके बाद जरूरी बूस्टर डोज 5 से 6 वर्ष, 11 से 12 वर्ष और 16 वर्ष की उम्र में अक्सर नहीं लग पाती। यही लापरवाही आगे चलकर बच्चों को डिप्थीरिया जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी की चपेट में ला देती है।हर साल जिले में बड़ी संख्या में बच्चे इस बीमारी से प्रभावित होते हैं, जबकि समय पर टीकाकरण से इससे पूरी तरह बचाव संभव है। डिप्थीरिया गले को प्रभावित करने वाली खतरनाक बीमारी है, जो गंभीर स्थिति में जानलेवा भी साबित हो सकती है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्कूलों में पहुंचकर बच्चों का टीकाकरण करेंगी। साथ ही अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा कि वे निर्धारित आयु पर बच्चों को सभी बूस्टर डोज अवश्य दिलवाएं, ताकि इस बीमारी के खतरे को पूरी तरह कम किया जा सके। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ.कुलदीप डिप्थीरिया से बचाव के लिए स्कूलों में अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए बेसिक और व माध्यमिक शिक्षा विभाग को पत्र भी लिखा गया है।
डिप्थीरिया के लक्षण
-गले में तेज दर्द और खराश
-बुखार (हल्का से मध्यम)
-सांस लेने में कठिनाई
-निगलने में परेशानी
-गर्दन में सूजन
-कमजोरी और थकान
-आवाज बैठना या भारी होना
-नाक से पानी आना (छोटे बच्चों में)
गंभीर स्थिति में
सांस पूरी तरह अवरुद्ध हो सकती है
दिल और नसों पर असर पड़ सकता है