कासगंज। सदर कोतवाली क्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने ताऊ-ताई समेत परिवार के अन्य सदस्यों पर पिता को शराब में कुछ मिलाकर देने, फर्जी दस्तावेजों के जरिये संपत्ति हड़पने और अपहरण करके मुकदमे वापस लेने के लिए धमकाने के आरोप लगाए हैं। युवती ने चार नामजद समेत दो अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मिशन चौराहा निवासी रियांशी पल्तानी ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि उसके पिता स्व. अमित पल्तानी तंबाकू का कारोबार करते थे, जबकि उसके ताऊ संजय पल्तानी गाजियाबाद में प्रिटिंग का कारोबार। ताऊ ने प्रिटिंग के व्यापार में घाटा होने की बात कहकर उसके पिता से मोटी रकम ऐंठ ली थी। फिर पत्नी हेमा पल्तानी को लेकर कासगंज वापस लौट आए और उसके दूसरे मकान में रहने लगे। उसका आरोप है कि ताऊ ने पिता को शराब में कुछ मिलाकर पिलाना शुरू कर दिया, जिससे वह बीमार पड़ गए और चलने-फिरने में असमर्थ हो गए। ताऊ उन्हें डॉक्टर से दवा दिलाने के बहाने कार से तहसील ले गए और संपत्ति के फर्जी वसीयत व दान पत्र बनवा लिए। दो अक्तूबर 2023 को पिता की मौत उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद उनकी मां ने तहसील जाकर जानकारी की तो उन्हें ताऊ के इस फर्जीवाड़े का पता चला। तब उनकी मां ने ताऊ समेत अन्य के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू की। आरोप है कि बीती 11 अगस्त को जब वह बाजार जा रही थी, तभी ताऊ-ताई और तहेरे भाई शुभम ने उसे जबरन कार में खींच लिया और बेहोश कर गाजियाबाद ले गए। वहां उसे एक कमरे में बंद कर मारपीट की। कोरे कागजों व स्टांप पर उसके जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। उसे, उसके भाई और मां को जान से मारकर नदी में शव बहाने की धमकी दी। उसकी मां की ओर से दायर कराए गए सभी मुकदमे वापस कराने की शर्त पर उसे वापस लाकर छोड़ दिया। युवती की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने आरोपी संजय पल्तानी, हेमा, शुभम, संजीव चौहान और दो अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले में आरोपी ताऊ संजय पल्तानी का कहना है कि छोटे भाई की बेटी और पत्नी ने षडयंत्र के तहत उनकी छवि खराब करने के लिए प्राथमिकी दर्ज कराई है। सभी आरोप निराधार हैं। हमारा पारिवारिक विवाद न्यायालय में चल रहा है। अपहरण की कहानी सुनियोजित तरीके से बनाई गई है।