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Kasganj News: बिना कुश्ती लड़े 21 हजार का इनाम जीत गए तूफान

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सोरोंजी में आयोजित दंगल में दावं-पेच दिखाते पहलवान। संवाद
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सोरोंजी। रक्षाबंधन के अवसर पर बदरिया स्थित बद्रेश्वर अखाड़े में उपेंद्र पहलवान स्मृति वार्षिक दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में 55 से अधिक रोमांचक कुश्तियां हुईं। वहीं, सिरावली के तूफान पहलवान 21000 रुपये की सबसे बड़ी इनामी कुश्ती बिना लड़े ही जीत गए। उसके सामने अखाड़े में कोई दूसरा पहलवान उतरने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
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सदर विधायक देवेंद्र राजपूत और नगर पालिका अध्यक्ष रामेश्वर दयाल महेरे ने शुभारंभ किया। उन्होंने दिवंगत उपेंद्र पहलवान के चित्र पर माल्यार्पण किया। इसके बाद बरेली के शैलेंद्र और अलीगढ़ के दीपक के बीच हाथ मिलवाकर कुश्ती प्रतियोगिता का उद्घाटन किया गया। पहली 11000 रुपये की इनामी कुश्ती बरेली के शैलेंद्र ने अलीगढ़ के दीपक को पटखनी देकर अपने नाम की।
विधायक देवेंद्र राजपूत ने कहा कि कुश्ती भारत की प्राचीन विधा है और तीर्थनगरी में इसकी परंपरा का बना रहना सुखद है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस अखाड़े के युवा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करेंगे।
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नगर पालिका अध्यक्ष रामेश्वर दयाल महेरे ने कहा कि दंगल प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सरकार से अच्छे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और अंतरराज्यीय व राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मौका देने का आग्रह किया।

रात तक चली इस प्रतियोगिता में कुल 55 से अधिक कुश्तियां हुईं। इनमें कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। दंगल में जनपदीय खिलाड़ियों के साथ एटा, बदायूं, अलीगढ़, आगरा, हाथरस, मैनपुरी और फिरोजाबाद जैसे जनपदों के पहलवानों ने भी हिस्सा लिया। पहलवानों ने अपने दांव-पेंचों से दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी।

दंगल के दौरान बड़ी संख्या में कुश्ती प्रेमी मौजूद रहे। शिवसेवक ने रेफरी की भूमिका निभाई। दंगल संयोजक रमाकांत तिवारी, राजकुमार साहू, देशबंधु गुप्ता, अरविंद अग्रवाल, सुरेश दिवाकर, सुनील माहेश्वरी, दीपक वार्ष्णेय, अरुण पुंढीर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इन सभी ने प्रतियोगिता को सफल बनाने में सहयोग किया।
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