कासगंज। आवास विकास कॉलोनी से सोमवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक लापता हुए तीन नाबालिग दोस्तों को स्थानीय पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर मथुरा जिले से सकुशल बरामद कर लिया है। बच्चे बिना किसी को बताए स्वेच्छा से मथुरा-वृंदावन घूमने चले गए थे। पुलिस द्वारा बच्चों को सुरक्षित उनके परिजन के सुपुर्द किए जाने के बाद पूरे परिवार और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-03 निवासी अर्णव उर्फ यश (13) पुत्र संदीप कुमार, लव कुश (13) पुत्र मक्खन सिंह और अनी उर्फ लक्की (14) पुत्र दिनेश कुमार सोमवार शाम करीब 7 बजे स्थानीय कर्पूरी ठाकुर पार्क में खेलने गए थे। खेलकूद के बाद तीनों ने अपनी साइकिलें घर पर खड़ी कीं और लापता हो गए।
देर रात तक जब बच्चे घर नहीं लौटे, तो परिजन की चिंता बढ़ गई। उन्होंने आसपास काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद रात करीब 10:30 बजे सदर कोतवाली पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की सूचना दी।
एक साथ तीन बच्चों के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर तीनों बच्चे सोरों गेट पुलिस चौकी की तरफ जाते हुए नजर आए। एसपी ओपी सिंह ने तत्काल प्रभाव से दो विशेष पुलिस टीमों का गठन किया। एक टीम को बदायूं-बरेली मार्ग की तरफ और दूसरी टीम को मथुरा की दिशा में रवाना किया गया।
मथुरा भेजी गई पुलिस टीम ने मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे तीनों बच्चों को मथुरा के प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर परिसर से सकुशल ढूंढ निकाला। पूछताछ के दौरान बच्चों ने पुलिस को बताया कि वे पूर्व में भी अपने परिजन के साथ मथुरा-वृंदावन आ चुके थे।
सोमवार रात करीब 8 बजे वे तीनों कासगंज जंक्शन से ट्रेन में सवार हुए, लेकिन गलती से मथुरा की बजाय आगरा पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने आगरा से रोडवेज बस पकड़ी और मथुरा-वृंदावन पहुंचे। वृंदावन में प्रेम मंदिर बंद मिलने के बाद वे रात में ही मथुरा जंक्शन लौट आए थे। मंगलवार सुबह श्री कृष्ण जन्मभूमि के दर्शन करने के पश्चात वे द्वारकाधीश मंदिर पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें खोज निकाला।
पुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ से यह स्पष्ट हुआ कि बच्चे अपनी मर्जी से घूमने गए थे और उनके साथ किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं घटी है। एसपी ओपी सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि तीनों लापता बच्चों को पुलिस टीम ने मथुरा से पूरी तरह सुरक्षित ढूंढ लिया है।