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Kasganj News: रठेरा में हजारों लोगों ने एक जगह डाला अक्षत

Thu, 05 Mar 2026 11:40 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
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फोटो 29 रठेरा में होलिका दहन के बाद सामूहिक आखत डालते ग्रामीण। संवाद
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मैनपुरी। गांव रठेरा में होलिका दहन के बाद 13 हजार की आबादी वाले गांव के लोगों ने एक साथ अक्षत (आखत) डालकर छह सौ साल से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए एकता की अनुपम मिसाल पेश की। इस बार भी एक ही स्थान पर होली रखकर सामूहिक रूप से आखत डाले गए। जिले में सर्वाधिक आबादी वाले गांव में पर्व धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने एक दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। गांव रठेरा के लोग होली पर छह सौ साल पुरानी परंपरा को आज भी निभा रहे हैं। ग्राम पंचायत ने गांव के बीच में एक स्थान होलिका दहन के लिए आरक्षित कर रखा है। उस समय से इस जगह पर ही होलिका दहन किया जाता है। गांव के बुजुर्ग हो या युवा सभी वर्षों पुरानी एकता की मिसाल कायम रखने को तैयार रहते हैं। यादव बाहुल्य गांव में कठेरिया, धोबी, वाल्मीकि, बढ़ई, तेली, नाई आदि जातियों के लोग निवास करते हैं। होली पर सभी लोग एक ही स्थान पर आखत डालते हैं। ग्राम प्रधान पूनम यादव बताती हैं कि छह सौ साल से चली आ रही परंपरा के अनुसार इस बार भी होली का त्योहार एकता की मिसाल के साथ मनाया गया है। गांव के सभी लोगों ने एक ही स्थान पर बुधवार को आखत डाले। इसके बाद सभी ने प्रेमभाव से होली खेली। चारों ओर होली का उल्लास देखने को मिला। बड़े, बूढ़े और बच्चों ने जमकर एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाया। रठेरा में पांच दिन तक हुरियारों की टोलियां फाग गीतों के साथ घर-घर पहुंचती हैं। टोलियों के साथ सैकड़ों लोग होते हैं। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष केसी यादव बताते हैं कि पांचवें दिन शाम को होलिका दहन स्थल पर पहुंचकर टोलियां फाग गाकर समापन कर देती हैं। पंचमी की देर रात तक लोग बुजुर्गों का आशीर्वाद लेते हैं।फाग टोलियों का मार्गदर्शन बुजुर्गों के हाथों में रहता है। गांव के निरंजन सिंह, कप्तान सिंह, राजपाल सिंह, प्रमोद कुमार, रामवीर सिंह, अंगूर सिंह, सतेंद्र सिंह की देखरेख में टोलियां फाग गायन करती हैं। गांव के 50 युवाओं की टीम ने इस बार फाग गायन में हुरियारों का सहयोग किया।

फोटो 29 रठेरा में होलिका दहन के बाद सामूहिक आखत डालते ग्रामीण। संवाद

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