फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kasganj News: हाथों में जूते-चप्पल और नावों पर साइकिल लेकर स्कूल जा रहे छात्र

विज्ञापन
फोटो 38- नगला जय​​किशन में बाढ़ के पानी के बीच हाथों में चप्पल लेकर स्कूल जाता छात्र। स्रोत संव
विज्ञापन
कासगंज। पटियाली में बाढ़ का प्रकोप पिछले 50 दिनों से जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किए हुए है। इसके बावजूद, बाढ़ प्रभावित आठ गांवों के विद्यार्थियों का पढ़ाई के प्रति उत्साह और हौसला हर किसी को हैरान कर रहा है। तमाम दुश्वारियों के बीच ये छात्र-छात्राएं अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए रोजाना संघर्ष कर रहे हैं।
विज्ञापन

पटियाली के नगला जयकिशन, नगला दिपी, मूंझखेड़ा, नगला पनसोती, नगला जैली, नगला नरपत, नगला दुर्जन और राजेपुर कुर्रा जैसे गंगा खादर के गांवों में चारों तरफ पानी भरा हुआ है। शुरुआती दिनों में स्कूल जाना पूरी तरह ठप था लेकिन नावों का बंदोबस्त होते ही बच्चों ने हार नहीं मानी।
अब सुबह होते ही छात्र-छात्राएं कंधे पर बस्ता टांगे और हाथों में जूते-चप्पल लेकर नंगे पांव बाढ़ के पानी को पार करते नजर आते हैं। जो बच्चे दूरस्थ स्कूलों में पढ़ने जाते हैं वे नावों में अपनी साइकिलें लादकर स्कूल पहुंच रहे हैं। हालांकि गंगा के बैराजों से पानी का प्रवाह कम हुआ है लेकिन निचले इलाके होने के कारण इन गांवों में मुश्किलें कम होने के बजाय लगातार बढ़ रही हैं।
विज्ञापन


पशुओं को रखने का भी संकट
बच्चों की इस संघर्षपूर्ण गाथा के साथ-साथ ग्रामीण आबादी और पशुपालक भी गंभीर संकट से जूझ रहे हैं। गांवों के अंदर और पशुबाड़ों तक में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। हालात यह हैं कि ग्रामीणों को अपने मवेशियों को बांधने के लिए एक इंच भी सूखा स्थान नहीं मिल पा रहा है। लोग या तो दूर-दराज के सूखे इलाकों की तलाश कर रहे हैं या फिर मजबूरन पानी के बीच ही पशुओं को बांधने को विवश हैं। गंदे पानी और दलदली स्थिति के कारण अब मवेशियों में भी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा तेजी से मंडराने लगा है।
-



बैराजों से पानी का प्रवाह

हरिद्वार बैराज से- 62127 क्यूसेक

बिजनौर बैराज से- 54706 क्यूसेक

नरौरा बैराज से - 86985 क्यूसेक

कछला ब्रिज- 162.57 मीटर के निशान पर
-



वर्जन-

बैराजों से गंगा में प्रवाह कम हो गया है। नरौरा बैराज से भी डिस्चार्ज कम हुआ है। 6 सेंटीमीटर की कमी जलस्तर में आई है। अब और लगातार कमी होगी। जल्द ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत लौटेगी। - शरद सौरभ गिरी, अधिशासी अभियंता, सिंचाई

फोटो 38- नगला जयकिशन में बाढ़ के पानी के बीच हाथों में चप्पल लेकर स्कूल जाता छात्र। स्रोत संव

फोटो 38- नगला जयकिशन में बाढ़ के पानी के बीच हाथों में चप्पल लेकर स्कूल जाता छात्र। स्रोत संव

फोटो 38- नगला जयकिशन में बाढ़ के पानी के बीच हाथों में चप्पल लेकर स्कूल जाता छात्र। स्रोत संव

फोटो 38- नगला जयकिशन में बाढ़ के पानी के बीच हाथों में चप्पल लेकर स्कूल जाता छात्र। स्रोत संव

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें