कासगंज। जिले में सीबीएसई बोर्ड से संचालित स्कूलों की फीस, किताबों और ड्रेस को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। अब तीन साल तक फीस नहीं बढ़ाई जा सकेगी और किसी भी बदलाव के लिए जिला शुल्क नियामक समिति की मंजूरी अनिवार्य होगी। साथ ही स्कूलों को फीस संरचना, किताबों और ड्रेस की पूरी जानकारी मुख्य द्वार पर बैनर के रूप में प्रदर्शित करनी होगी और अभिभावकों को किसी एक दुकान से सामान खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगाजिला विद्यालय निरीक्षक जगदीश प्रसाद शुक्ला ने सीबीएसई संचालित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की। बैठक में निर्देश दिए कि स्कूल फीस संरचना, किताबों और ड्रेस बदलने आदि के संबंध में विद्यालय प्रबंध समिति, अभिभावक समिति या एसएमसी से प्रस्ताव पारित कराना होगा। इसके बाद हस्ताक्षरयुक्त प्रस्ताव जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा और जिला शुल्क नियामक समिति की पूर्व अनुमति मिलने के बाद ही शुल्क वृद्धि संभव होगी।विद्यालयों को पूरे वर्ष की फीस का निर्धारण पहले से ही घोषित करना होगा और वर्ष के दौरान छात्रों से किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही विद्यालय की ड्रेस कम से कम पांच वर्ष तक नहीं बदली जा सकेगी। यदि ड्रेस में बदलाव किया जाता है तो उसके लिए भी समिति की अनुमति आवश्यक होगी।इसके अलावा स्कूल परिसर में किताबों या ड्रेस की बिक्री के लिए किसी प्रकार की दुकान या स्टॉल लगाने पर रोक लगा दी गई है। निरीक्षण के दौरान ऐसा पाए जाने पर संबंधित प्रबंधक या प्रधानाचार्य के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। विद्यालय छात्रों और अभिभावकों पर किसी एक दुकान से किताब या ड्रेस खरीदने का दबाव भी नहीं डाल सकेंगे।