फोटो13गांव तबालपुर में तेज आंधी व बारिश में गिरी मक्का की फसल।संवाद
कासगंज। जिले में शुक्रवार रात आई तेज आंधी और बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में खड़ी और कटी फसलें बर्बाद हो गईं,। गेहूं, मक्का और सौंफ की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिले में शुक्रवार रात करीब 10 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। इस बेमौसम बारिश ने किसानों के लिए बड़ी आफत खड़ी कर दी है। तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी गेहूं, मक्का और सौंफ की फसलें जमीन पर गिर गईं, वहीं जिन किसानों ने कटाई कर फसल खेत में ही रखी थी, वह बारिश में भीग गई। इससे पैदावार और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ने की आशंका है। दिन निकलने के बाद किसान अपने खेतों की और पहुंचे तो फसलों की बर्बादी देख उनके होश उड़ गए। किसान शारदा देवी का कहना है कि गेहूं की फसल पूरी तरह खेत में बिछ गई, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है। अस्थिर मौसम से लगातार फसलों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान शेषपाल का कहना है कि खेत में सौंफ की फसल कर रखी थी। फूल आना ही शुरू हुए थे। रात की आंधी में फसल खेत में गिरकर खराब हो गई। वहीं, रामबाबू का कहना है कि खेत में मक्का की फसल कर रखी थी। रात में आंधी बारिश से फसल की जड़ हिल जाने से खेतों में ही बिछ गई। नए सिरे से फसल की बुवाई करनी पडे़गी। राजवीर का कहना है कि रबी की फसल के तैयार होने के बाद से मौसम लगातार किसानों को नुकसान पहुंचा रहा है। आंधी-बारिश से आर्थिक नुकसान के साथ भविष्य की चिंता भी सताने लगी है। उप कृषि निदेशक महेंद्र सिंह ने बताया कि जिन किसानों की फसल को आंंधी और बारिश से नुकसान हुआ है उसका आंकलन शुरू करा दिया गया है। किसान स्वयं भी विभाग या बीमा कंपनी को 72 घंटे के भीतर अपनी सूचना दे सकते हैं-