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Atique Murder: शूटर अरुण मौर्य फैक्टरी में 10 हजार की करता नौकरी, महंगे जूते, कपड़े, होटल में खानपान का शौकीन

Tue, 18 Apr 2023 08:57 AM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज

सार

माफिया अतीक अहमद और भाई अशरफ की हत्या में आरोपी शूटर अरुण मौर्य पानीपत की एक फैक्टरी में 10 हजार रुपये महीने की नौकरी करता था। वह महंगे जूते, कपड़े, होटल में खानपान का शौकीन था। 
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शूटर अरुण मौर्य फैक्टरी में 10 हजार की नौकरी करता था - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और भाई अशरफ की हत्या में आरोपी शूटर अरुण के बारे में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं। वह पानीपत की एक फैक्टरी में सिलाई का काम करता था। इसके बदले उसे 10 हजार रुपये महीने मिलते थे। वह महंगे कपड़े, जूते और होटल में रुकने, खाने-पीने का शौकीन था। साथ में काम करने वाले उसके रहन-सहन को देखकर हैरान रहते थे। 

तमंचा के साथ पकड़े जाने पर हुई जेल

शूटर अरुण फैक्टरी में स्टीचिंग का काम करता था। फरवरी 2022 में वह तमंचा के साथ पकड़े जाने पर अरुण को जेल हुई थी, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद उसका अंदाज बदल गया था। फैक्टरी में 10 हजार रुपये तक कमाने वाला अरुण अब महंगे कपड़े-जूते और होटलों में खानपान का शौकीन हो गया था। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता था कि वह 10 हजार के जूते पहनता था। वह कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई से प्रभावित था। उसके गुर्गों के संपर्क में रहकर उससे मिलने की जुगत में लगा रहता था।

फैक्टरी में सिलाई का काम करता था

शूटर अरुण मौर्य पानीपत के विकास नगर-एनएफएल में अपने चाचा सुनील और दादा मथुरा प्रसाद के साथ रहता था। जबकि, उसके पिता दीपक कुमार और मां केला देवी यूपी के कासगंज जिले के पैतृक गांव कादरवाड़ी चले गए थे। अरुण मौर्य पानीपत में रहकर कुटानी रोड स्थित एक फैक्टरी में सिलाई का काम करता था। इससे वह बमुश्किल 10 हजार रुपये महीना कमा पाता था। 

हमेशा कुछ बड़ा करने की करता था बात

ऐसे में अपराधी प्रवृत्ति का अरुण हमेशा कुछ बड़ा करने की बात कहता रहता था। शायद उसकी यही सोच उसे अतीक और अशरफ की हत्या की राह पर ले गई। इससे पहले सीआईए-टू पानीपत ने उसे चार फरवरी 2022 को कट्टे के साथ गिरफ्तार कर लिया, लेकिन जेल में जाकर सुधरने की बजाय वह अपराध के दलदल में फंस गया। 

भाटी और लारेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गों से किया संपर्क 

यही कारण है कि जमानत पर रिहा होने के बाद उसने यूपी के भाटी गैंग और लारेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गों से संपर्क किया। इसके बाद लारेंस बिश्नोई से संपर्क करने का लगातार प्रयास करता रहा, लेकिन उसकी बातचीत नहीं हो पाई। इस बीच अचानक माफिया अतीक और अरशफ की हत्या के बाद न सिर्फ उसके परिजन बल्कि अन्य जानकार भी हतप्रभ है।

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