कासगंज। राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत लाभार्थियों के आयु सत्यापन की प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शहरी क्षेत्रों के बुजुर्गों को आयु प्रमाण प्रस्तुत करने में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं।
इन नए नियमों के तहत, जिन शहरी आवेदकों के पास शैक्षिक प्रमाण पत्र या परिवार रजिस्टर की उपलब्धता नहीं है, वे अब अन्य पांच वैकल्पिक दस्तावेज के आधार पर भी अपनी आयु का सत्यापन करा सकेंगे।
समाज कल्याण विभाग की ओर से जारी किए गए नए आदेशों के अनुसार, वृद्धावस्था पेंशन के लिए आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि को आयु प्रमाण के रूप में मान्य नहीं माना जाता है। इसके बजाय, आवेदकों से शैक्षणिक प्रमाणपत्र (जैसे कि मार्कशीट) या परिवार रजिस्टर की नकल मांगी जा रही थी।
जहां ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्गों को परिवार रजिस्टर की नकल आसानी से उपलब्ध हो जाती है। वहीं शहरी क्षेत्रों में यह प्रक्रिया अक्सर जटिल और उलझन भरी साबित हो रही थी। कई निरक्षर बुजुर्ग, जो कभी स्कूल नहीं गए, वे शैक्षिक प्रमाणपत्र प्राप्त करने में असमर्थ थे। इसके कारण उन्हें पेंशन आवेदन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। वे संबंधित विभागों के चक्कर काटने को मजबूर थे।
इन परेशानियों को देखते हुए, शासन ने नियमों को थोड़ा आसान कर दिया है। प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी हेमेंद्र स्वरूप ने बताया कि यह सुविधा विशेष रूप से शहरी क्षेत्र के आवेदकों के लिए लागू होगी। इसके अतिरिक्त, आवेदन के समय एक निर्धारित प्रारूप पर स्व-घोषणा पत्र देना अनिवार्य होगा, जिसमें आवेदक को यह बताना होगा कि उनके पास हाईस्कूल प्रमाणपत्र और परिवार रजिस्टर उपलब्ध नहीं हैं।
अब नगरीय क्षेत्रों के ऐसे वृद्धजन, जिनके पास हाईस्कूल प्रमाणपत्र नहीं है और परिवार रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं है, वे पांच दस्तावेज में से किसी एक का उपयोग करके अपनी आयु का सत्यापन करा सकते हैं।
इन दस्तावेज से करा सकेंगे सत्यापन
राशन कार्ड
मतदाता पहचान पत्र
ड्राइविंग लाइसेंस
पासपोर्ट
पैन कार्ड
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14 हजार लाभार्थियों को जल्द मिलेगी पेंशन
जिले में समाज कल्याण विभाग की ओर से जनवरी में 24,125 लाभार्थियों के खाते में पेंशन भेजी गई थी, जबकि अप्रैल में 10,220 लाभर्थियों के खाते में पेंशन आ चुकी है। अन्य करीब 14 हजार लाभार्थियों के खातों में जल्द पेंशन भेजी जाएगी।