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Kasganj News: बाढ़रोधी व कटानरोधी परियोजनाओं के प्रस्ताव 19 अक्तूबर तक भेजने होंगे मुख्यालय

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फोटो34गंगा में बढ़ा जलस्तर। संवाद
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कासगंज। हर वर्ष गंगा की बाढ़ और कटान से होने वाली तबाही को थामने के लिए सिंचाई विभाग ने बड़ी कवायद शुरू कर दी है। गंगा की उफनती लहरों को नियंत्रित करने के लिए विभाग नरौरा बैराज से कानपुर बैराज तक 382 किलोमीटर लंबे गंगा मार्ग का संयुक्त सर्वेक्षण करेगा।
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इस अभियान में कासगंज के अलावा बदायूं और फर्रुखाबाद जनपद के सिंचाई अभियंता संयुक्त रूप से शामिल होंगे। मुख्य अभियंता ने 19 अक्तूबर तक बाढ़रोधी व कटानरोधी परियोजनाओं के प्रस्ताव मुख्यालय भेजने की तिथि निर्धारित कर दी है।
जिले में गंगा की धारा करीब 77 किलोमीटर लंबी है जो कासगंज और बदायूं की सीमा के बीच बहती है। इसका उत्तरी किनारा बदायूं और दक्षिणी किनारा कासगंज की सीमा में आता है जिसके बाद फर्रुखाबाद क्षेत्र शुरू होता है।
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आपदा से प्रभावित रहने वाले ये तीनों जिले हर वर्ष अपने स्तर पर बाढ़ परियोजनाएं बनाते हैं जिन पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं लेकिन कई बार ये उतनी कारगर साबित नहीं होतीं। इसी को ध्यान में रखते हुए अब तीनों जनपदों ने मिलकर गंगा की लहरों को साधने और मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मुख्यालय से संयुक्त प्रस्तावों को पहले ही हरी झंडी मिल चुकी है।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अवधेश कुमार शर्मा ने सर्वेक्षण करने, मैदानी परिस्थितियों का अध्ययन करने और तकनीकी प्रारूप तैयार कर जल्द आवश्यकता की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।


हर साल बदलती है गंगा की धारा
गंगा की धारा का रुख हर वर्ष ही बदलाव लेता है। अभी गंगा की धारा का दबाव शहवाजपुर व आसपास के क्षेत्र में बना हुआ है। गंगा की धारा दक्षिणी किनारे की ओर बढ़ रही है। बदायूं के उत्तरी किनारे पर धारा का दबाव कम हुआ है। ऐसे में कटान का खतरा शहवाजपुर के अलावा किलौनी, मुजफ्फरनगर आदि इलाकों में बढ़ रहा है।


बरौना में 4 साल में खर्च हो चुके 30 करोड़
पटियाली के गांव बरौना में पिछले चार सालों से गंगा की धारा का दबाव बना रहने के कारण कटान होता आया है। इस वर्ष भी बरौना के कुछ इलाकों में कच्चे बांधों पर कटान हुआ। इन चार वर्षों में सिंचाई विभाग करीब 30 करोड़ रुपये कटानरोधी कार्यों पर खर्च कर चुका है।


वर्जन-
गंगा में आने वाली बाढ़ से सुरक्षा के लिए फर्रुखाबाद, बदायूं एवं कासगंज जनपद संयुक्त रूप से सर्वेक्षण करके कार्यों के प्रस्ताव तैयार करेंगे। इन प्रस्तावों को 19 अक्तूबर तक मुख्य अभियंता के समक्ष भेजना होगा। - जितेंद्र कुमार अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई
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