फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kasganj News: आलू के दामों ने तोड़ी किसान की कमर, लागत निकालना मुश्किल

Thu, 19 Feb 2026 11:25 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
विज्ञापन
फोटो04सिढ़पुरा के गांव जासमई में आलू खोदते किसान। संवाद
विज्ञापन
सिढ़पुरा। जनपद के किसानों के लिए इस वर्ष आलू की बंपर पैदावार खुशी के बजाय चिंता का सबब बन गई। मंडी में आलू के गिरते दामों के कारण किसान अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रहे। मंडी में आलू की पचास किलो की बोरी की कीमत घटकर 200 रुपये रह गई है। जबकि आलू की एक बोरी की खोदाई व मंडी तक आलू पहुंचाने का खर्चा ही कुल मिलाकर सौ रुपये हैं।
विज्ञापन

किसानों के अनुसार, एक बीघा आलू की फसल तैयार करने में बीज, खाद, बुवाई, सिंचाई और खोदाई मिलाकर करीब 7,000 से 8,000 का खर्च आता है। वर्तमान में एक बीघा खेत से 30 से 35 बोरी आलू निकल रहा है, जिसकी बाजार में कीमत महज 4,000 से 5,000 के बीच रह गई है। मंडी में 50 किलो की बोरी मात्र दो सौ रुपये में बिक रही है। जबकि खोदाई और मंडी तक आलू पहुंचाने का भाड़ा ही 100 रुपये प्रति बोरी है। इस समय ख्याती, 3797, 1006 और पुखराज आलू की खोदाई जोरों पर चल रही है।
बाजार की बात करें तो फुटकर में आलू 50 रुपये का सात किलो तक बिक रहा है। वहीं, थोक बाजार में इसकी कीमत 50 रुपये में 10 किलो तक पहुंच गई है। इसने आलू किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है। किसानों का कहना है कि बाजार में इसी तरह आलू के दाम गिरते रहे तो उनका काफी नुकसान हो जाएगा। लागत तक नहीं निकल पाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें