फोटो36सोरोंजी में भगवान वराह का अभिषेक करते श्रद्धालु । स्रोत संवाद
सोरोंजी। तीर्थनगरी के वराह मंदिर में बृहस्पतिवार को आषाढ़ मास की कृष्ण पक्ष द्वितीया पर अभिषेक पूजा आयोजित की गई। सुबह भगवान वराह की मंगला आरती के बाद आचार्य पंडित नरेश त्रिगुणायत ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का गंगाजल, दूध, दही, घृत और शहद से विधि-विधान पूर्वक दिव्य पंचाभिषेक कराया। अभिषेक के उपरांत प्रभु का नूतन वस्त्रों व अद्भुत अलंकारों से भव्य शृंगार किया गया और उन्हें छप्पन भोग व मेवा मिष्ठान्न अर्पित किए गए। शंखध्वनि और घंटों की गूंज के बीच भगवान वराह की महाआरती उतारी गई।
पंडित नरेश त्रिगुणायत ने अभिषेक का महत्व बताते हुए कहा कि जो भी भक्त सच्चे मन से भगवान वराह का पूजन और अभिषेक करता है, उसके जीवन के सारे कष्ट मिट जाते हैं और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। शाम के समय आयोजित भजन संध्या में मां गंगा और भगवान वराह का गुणगान किया गया। आरती के बाद श्रद्धालुओं को महाप्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान शिवजी वेंदेल, नंदिनी, शंभू गोस्वामी, हरिदास आदि मौजूद रहे।