फोटो14पंचकोसी परिक्रमा की तैयारियों को लेकर बैठक करते ब्राह्मण कल्याण सभा पदाधिकारी। संवाद
सोरोंजी। पौष पुत्रदा एकादशी पर शूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा 30 दिसंबर को लगेगी। इस संबंध में ब्राह्मण कल्याण सभा की बैठक शुक्रवार को कार्यालय पर हुई। परिक्रमा की तैयारियों को रूपरेखा दी गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभा के संस्थापक अध्यक्ष शरद पांडेय ने कहा कि पौष पुत्रदा एकादशी को संतान देने वाली कहा जाता है जो संतान सुख, वंश वृद्धि और सभी पापों से मुक्ति के लिए महत्वपूर्ण है। इस दिन क्षेत्राधीश भगवान वराह की पूजा करें, तुलसी पत्र चढ़ाएं, पीले वस्त्र, फल, मिठाई अर्पित करें और ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। पंडित धर्मधर द्विवेदी ने बताया कि 30 दिसंबर को सुबह 7:50 बजे एकादशी का आगमन हो रहा है जो 31 दिसंबर को सुबह 5 बजे तक रहेगी। 30 दिसंबर को भगवान वराह के पूजा के बाद सुबह 9 बजे वराह घाट से ब्राह्मण कल्याण सभा के तत्वावधान में पंचकोसी परिक्रमा प्रारंभ होगी। बैठक में शिव वेंदेल, जयप्रकाश त्रिवेदी, हरिओम पचौरी, आदित्य दुबे, गौरव उपाध्याय, आकाश महेरे, धनदीप दघिर्रा आदि मौजूद रहे।