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Kasganj News: बिना एचएसआरपी पुराने वाहनों को नहीं मिलेगा प्रदूषण प्रमाणपत्र

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फोटो 02 - कासगंज-सोरोंजी मार्ग पर ​स्थित प्रदूषण जांच केंद्र पर चेकिंग करते एआरटीओ आरपी मिश्र।
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कासगंज। जिले में अब बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट (एचएसआरपी) वाले पुराने वाहनों को भी प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा। हालांकि नए वाहनों पर यह नियम पहले से ही लागू है। प्रशासन ने इस नियम को सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य वाहन सुरक्षा मानकों और प्रदूषण नियंत्रण को बेहतर बनाना है।
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सहायक उप संभागीय परिवहन अधिकारी ने सभी केंद्रों को केवल एचएसआरपी लगे वाहनों को ही प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए प्रदूषण जांच केंद्रों पर नोटिस लगाए जाएंगे। भारत सरकार के निर्देशानुसार एचएसआरपी लगाना अनिवार्य किया गया है। वाहन चालक पीयूसीसी पोर्टल पर इसके लिए आवेदन भी कर सकते हैं।

शासन के निर्देश पर अब जिले में जिन वाहनों पर एचएसआरपी नहीं होगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रदूषण जांच केंद्र संचालकों को 15 अप्रैल से ऐसे वाहनों के लिए प्रदूषण प्रमाणपत्र जारी न करने के निर्देश हैं।
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विभाग का मानना है कि इस कदम से वाहनों की पहचान आसान होगी। यह फर्जी नंबर प्लेट पर भी रोक लगाएगा। इससे प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। यह सुरक्षा मानकों को भी मजबूत करेगा।

वर्जन:
जिले में बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले वाहन चालकों को 15 अप्रैल से प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा। सभी प्रदूषण जांच केंद्र संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि केवल एचएसआरपी लगे वाहनों का ही प्रमाणपत्र जारी करें। - आरपी मिश्र, एआरटीओ

एचएसआरपी के सुरक्षा फीचर्स
इसमें कई प्रमुख सुरक्षा फीचर्स शामिल हैं। ये प्लेटें एल्युमिनियम से बनी होती हैं और वाहन से स्थायी रूप से जुड़ी रहती हैं। इनमें नीले रंग का 'आईएनडी' होलोग्राम होता है, जो प्रामाणिकता दर्शाता है। प्रत्येक प्लेट पर एक यूनिक 10 अंकों का लेजर-एच्ड पिन अंकित होता है। वाहन का पंजीकरण नंबर, पंजीकरण प्राधिकरण, इंजन और चेसिस नंबर लेजर से स्थायी रूप से दर्ज होते हैं। एचएसआरपी को 'स्नैप लॉक' के जरिए वाहन में फिट किया जाता है। इसे एक बार लगाने के बाद आसानी से निकाला या बदला नहीं जा सकता। क्रोमियम-आधारित होलोग्राम स्टिकर छेड़छाड़ करने पर खराब हो जाता है।
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