फोटो05कासगंज में आवास पर नजर बंद एनएसयूआई जिलाध्यक्ष दीपक धनगर । स्रोत:स्वयं
कासगंज। पेपर लीक और रोजगार के मुद्दे को लेकर लखनऊ में आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे एनएसयूआई जिलाध्यक्ष दीपक धनगर को शनिवार को पुलिस ने उनके घर पर ही रोक दिया। धनगर ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया।उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के विरोध में लखनऊ में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे एनएसयूआई जिलाध्यक्ष दीपक धनगर को पुलिस ने उनके घर पर ही रोक दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर आवाज उठाने वालों को दबाया जा रहा है। प्रदेश में बार-बार पेपर लीक होने से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा देने वाले युवाओं को निराशा का सामना करना पड़ रहा है। सरकार समस्या के समाधान के बजाय विरोध करने वालों को रोकने में व्यस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि लखनऊ में होने वाला प्रदर्शन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण था, फिर भी उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। इससे साफ है कि सरकार युवाओं के सवालों और उनके आक्रोश से बचना चाहती है। छात्र और युवा अपने अधिकारों, रोजगार तथा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे। एनएसयूआई ने पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और युवाओं को रोजगार की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की है।