फोटो04जिला अस्पताल में बनाया गया एसएनसीयू वार्ड ।संवाद
कासगंज। जिला अस्पताल की स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) गंभीर जन्मजात रोगों से पीड़ित नवजातों के इलाज में पूरी तरह सक्षम नहीं है। पीलिया, कम वजन व हाइपोथर्मिया से ग्रस्त बच्चों तक इलाज सीमित है। गंभीर नवजातों को आगरा, अलीगढ़ के लिए रेफर करना पड़ रहा है।
जिले में जन्मजात दोषों के साथ पैदा होने वाले बच्चों को स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगभग तीन वर्ष पहले एसएनसीयू स्थापित की गई थी। व्यवस्था यह थी कि गंभीर नवजात रोगों का इलाज यहीं हो सके, लेकिन यूनिट में केवल पीलिया, हाइपोथर्मिया और कम वजन के साथ जन्म लेने वाले बच्चों का ही उपचार संभव हो पाता है।
कई जन्मजात स्थितियों में बच्चे को जन्म के 24 घंटे के भीतर उपचार मिलना अनिवार्य होता है। इस अवधि में इलाज न मिलने पर मौत का खतरा बढ़ जाता है और कुछ रोगों में सुनने, देखने व शारीरिक अंगों के स्थायी रूप से प्रभावित होने की आशंका रहती है।
बावजूद इसके, ऐसे मामलों का इलाज यूनिट में न होने से सभी को रेफर करना पड़ता है। इस वर्ष अब तक लगभग 1200 नवजात भर्ती किए गए। इनमें से लगभग 250 बच्चों को आगरा, अलीगढ़ रेफर करना पड़ा।