फोटो11सोरोंजी में एक खेत में खड़ी गन्ना की फसल।संवाद
कासगंज। प्रदेश में गन्ना किसानों के हितों और गुणवत्तापूर्ण बीज गन्ना उपलब्ध कराने के लिए नए नियम लागू कर दिए गए हैं। अब बीज गन्ना का व्यवसाय करने वाले सभी किसानों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही बीज उत्पादन और बिक्री के लिए बीज अधिनियम 1966 का पालन करना जरूरी है। नियमों का उल्लंघन करने पर अर्थदंड या छह माह तक कारावास का प्रावधान है।जिला गन्ना अधिकारी ओम प्रकाश ने बताया कि पंजीकृत उत्पादक ही अपने उत्पादित गन्ना किस्म और विक्रय योग्य बीज का प्रमाणीकरण ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक से करवा सकते हैं। बिना अनुमति किसी अन्य प्रदेश या देश से लाए गए बीज का उत्पादन या बिक्री प्रतिबंधित है।पंजीकरण या नवीनीकरण के लिए किसान शपथ-पत्र और भू-अभिलेख के साथ निर्धारित प्रारूप में अपने नजदीकी गन्ना विकास परिषद में आवेदन करेंगे। उप गन्ना आयुक्त की स्वीकृति मिलने के बाद ही पंजीकरण पूरा होगा। उन्होंने कहा कि पंजीकृत उत्पादक ही बीज/सीडलिंग का विक्रय विभाग द्वारा तय दरों पर कर सकेंगे। इसके अलावा अपने प्लॉट पर गन्ना किस्म, बुवाई तिथि और बीज स्रोत का विवरण बोर्ड पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। बीज की आनुवंशिक शुद्धता बनाए रखना, रोग-कीट नियंत्रण करना और सभी उत्पादन-व्यवसाय नियमों का पालन करना भी जरूरी है।
यह निर्धारित किए गए नए नियम
-बीज अधिनियम 1966 का पालन अनिवार्य
-उल्लंघन पर 1000 रुपये का अर्थदंड या छह माह कारावास
-पंजीकृत उत्पादक ही बीज उत्पादन और बिक्री कर सकेंगे
-बाहरी प्रदेश या देश से बीज लाना या बेचने पर प्रतिबंध
-प्रमाणीकरण ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक से अनिवार्य
-प्लॉट पर किस्म, बुवाई तिथि और स्रोत का विवरण बोर्ड पर प्रदर्शित करना जरूरी