कासगंज। सिकंद्रपुर वैश्य क्षेत्र के कादरगंज गंगाघाट पर एक साधु का जला हुआ शव मिलने के छह दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद, पुलिस अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। न तो किसी संदिग्ध की पहचान हो सकी है और न ही कोई गिरफ्तारी हुई है, जिससे यह मामला लगातार उलझता जा रहा है।
घटना के बाद पुलिस ने मौके से फॉरेंसिक सबूत जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ भी की। हालांकि, जांच में कोई बड़ा सुराग नहीं मिला है। पटियाली के सीओ अमित कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
ये है पूरा मामला
कादरगंज गंगाघाट पर 14 जुलाई की सुबह एक जली हुई झोपड़ी से 48 वर्षीय साधु भाई सिंह का शव बरामद हुआ था। वह मूल रूप से नगला डामर के रहने वाले थे। घटना की खबर फैलते ही घाट और आसपास के गांवों के लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई थी।
मृतक के भाई कल्लू सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि भाई सिंह 10 साल पहले साधु बन गए थे। वे पिछले दो सालों से इसी गंगाघाट पर रहकर पूजा-पाठ कर रहे थे। कल्लू सिंह का आरोप है कि कुछ अज्ञात लोगों ने पहले उनके भाई की हत्या की और फिर सबूत मिटाने के लिए झोपड़ी में आग लगा दी। परिवार की तहरीर पर पुलिस ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी।