फोटो47सिढ़पुरा के गांव देहली बुजुर्ग में मृतकों के घर के बाहर एकत्रित भीड़ । संवाद
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सिढ़पुरा (कासगंज)। क्षेत्र के दहेली बुजुर्ग गांव से बेलोन माता के दर्शन एवं बच्ची के मुंडन कराने के लिए निकले परिवार के चार सदस्यों और गाड़ी (मालिक) चालक समेत पांच लोगों की बुलंदशहर में हुए हादसे में मौत की जानकारी जैसे ही गांव पहुंची चीत्कार मच गया। हादसे की सूचना गांव में दोपहर करीब तीन बजे लोगों को मिली। लोग एकदम से स्तब्ध रहे गए। हादसे की सूचना मिलते ही पीड़ित परिवार के रिश्तेदार और गांव के लोग नरौरा चले गए।बताया गया कि सुबह 6 बजे रामदीन (57) निवासी दहेली बुजुर्ग का परिवार बेलोन माता के दर्शन के लिए निकला। बेलोन जाने के लिए गांव के ही ईको कार कार मालिक शिवशेखर की गाड़ी किराए पर तय की थी। शिवशेखर खुद ही कार चलाकर ले गए थे। कार में रामदीन के अलावा उनका बेटा लोकेंद्र (25), बहू लक्ष्मी (24), नातिन प्रगति 10 माह, बड़े बेटे प्रवीण की पत्नी बबीता (34), पुत्र प्रतीक (5) और पुत्री अनिका (11) सवार थे। उन्होंने पहले कर्णवास माता के दर्शन किए। अन्य स्थान पर भी परिवार गया। इसके बाद बेलोन जाते समय ईको कार थाना नरौरा कोतवाली क्षेत्र के रतनपुर के पास दिल्ली-बदायूं हाईवे पर अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में एक ही परिवार के घर के मुखिया रामदीन, उनका छोटा पुत्र लोकेंद्र, बड़ी पुत्र वधू बबीता, मासूम प्रगति और ईको चालक शिव शेखर की मौके पर ही मौत हो गई। लोकेंद्र की पत्नी लक्ष्मी एवं प्रवीण का पुत्र प्रतीक एवं पुत्री अनिका गंभीर रूप से घायल हो गए। इस वीभत्स हादसे की जैसे ही गांव में जानकारी हुई वैसे ही गांव के लोग सकते में आ गए। सहसा किसी को जैसे विश्वास ही नहीं हुआ कि इतना बड़ा हादसा हो गया। हर कोई दौड़कर रामदीन के घर की हो दौड़ पड़ा। गांव के ही कृष्णानंद उपाध्याय ने बताया कि जैसे ही हादसे की जानकारी मिली उसके बाद चार-पांच गाड़ियों से गांव के लोग नरौरा की ओर रवाना हो गए। हर कोई दुर्घटना की खबर सुनकर चौंक गया। वहीं गाड़ी के चालक शिवशेखर के घर में लोगों की भीड़ एकत्रित होने लगी।