फोटो30मृतका शशिदेवी की फाइल फोटो।
मोहनपुरा (कासगंज) बेरी हरनामपुर गांव में रविवार की रात खुशियों के आंगन में ऐसा सन्नाटा उतरा कि हर आंख नम हो गई। जिस घर में मंगलगीत गूंज रहे थे, ढोलक की थाप पर रिश्तेदार झूम रहे थे, उसी आंगन से कुछ ही घंटों बाद विलाप की आवाजें उठने लगीं। छोटेलाल की बेटी रेखा की शादी थी। अलीगढ़ के अतरौली से आई बारात का पूरे उत्साह से स्वागत हुआ। द्वारचार की रस्में पूरी हुईं, जयमाला हुआ और मंच पर मुस्कुराती बेटी को आशीर्वाद देने मां शशिदेवी (55) आगे बढ़ीं। शायद हर मां की तरह उन्होंने भी उस पल में अपनी बरसों की तपस्या को साकार होते देखा होगा- बिटिया दुल्हन बनी थी। लेकिन किसे पता था कि यही आशीर्वाद उनका अंतिम होगा। जयमाला के बाद जैसे ही उन्होंने बेटी के सिर पर हाथ रखा, अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिवारजन घबराए हुए उन्हें अस्पताल ले गए पर डॉक्टरों ने हृदयाघात से मृत घोषित कर दिया। खबर जैसे ही विवाह स्थल तक पहुंची, खुशी का शोर पल भर में थम गया। जहां अभी कुछ देर पहले हंसी गूंज रही थी, वहां मातम पसर गया।मां की अर्थी गांव लौटी और उसी आंगन में रखी गई जहां बेटी की विदाई की तैयारी थी। गमगीन माहौल में रात भर विवाह की औपचारिकताएं पूरी की गईं। सोमवार की सुबह, बिटिया की डोली उठने से पहले मां की अर्थी उठी। मां के अंतिम संस्कार के बाद ही बेटी की विदाई हुई। परिजन ने बताया कि माहौल गमगीन होने से विवाह की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। सोमवार को ही दुल्हन ससुराल से विदा होकर वापस मायके आ जाएगी। विवाह उत्सव के दौरान हुई घटना से गांव में हर कोई स्तब्ध रह गया।