फोटो11जिला अस्पताल के मन कक्ष में उपचार कराने के लिए पहुंचे मरीज। संवाद
कासगंज। बदलते खानपान एवं जीवन शैली का असर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर तेजी से पड़ रहा है। जिला अस्पताल के मनकक्ष में प्रतिदिन 30-40 मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं। इनमें 10 प्रतिशत किशोर भी शामिल हैं। चिकित्सक उनको इलाज के साथ आवश्यक सलाह भी दे रहे हैं।
मनोचिकित्सक डॉ. दीपक राज का कहना है कि स्वस्थ मन ही स्वस्थ शरीर की नींव है। यदि हम रोजमर्रा में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव अपनाएं, तो न केवल बीमारियों से बच सकते हैं, बल्कि एक खुशहाल और संतुलित जीवन भी जी सकते हैं। लगातार तनाव का असर शरीर पर पड़ता है, वहीं गलत दिनचर्या मानसिक थकान और चिड़चिड़ापन बढ़ाती है।
उन्होंने सलाह दी कि योग, ध्यान, सही आहार और सकारात्मक सोच से इस संतुलन को बेहतर बनाया जा सकता है। अच्छा स्वास्थ्य केवल बीमारी न होना नहीं है, बल्कि मानसिक शांति और शारीरिक तंदुरुस्ती के संतुलन से बनता है। आधुनिक जीवनशैली, भागदौड़, स्क्रीन-टाइम और तनाव के कारण आज मानसिक और शारीरिक समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके भी हम अपने जीवन की गुणवत्ता सुधार सकते हैं। स्वस्थ मन न केवल बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है, बल्कि रिश्तों और कार्यक्षमता को भी मजबूत बनाता है। वहीं स्वस्थ शरीर आत्मविश्वास और ऊर्जा प्रदान करता है।