कासगंज। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रदेशीय आह्वान पर अपनी लंबित और न्यायोचित मांगों के निस्तारण की मांग पर लेखपालों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। बुधवार से जिले के सभी लेखपालों ने आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, वरासत रिपोर्ट, फार्मर रजिस्ट्रेशन और सत्यापन जैसे तमाम महत्वपूर्ण ऑनलाइन कार्यों का पूर्ण बहिष्कार कर दिया है। इसके साथ ही विरोध स्वरूप सभी लेखपाल तहसील प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुपों से भी बाहर हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष दीपक भारद्वाज ने बताया कि आंदोलन का पहला चरण 8 अक्तूबर से शुरू हुआ है। 10 अक्तूबर को लेखपाल काली पट्टी बांधकर काम करेंगे, 12 अक्तूबर को रक्तदान शिविर लगेगा और 14 अक्तूबर को मोटरसाइकिल रैली निकाली जाएगी।
इसके बाद 17 से 23 अक्तूबर तक तहसील मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन होगा। यदि इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गईं, तो 24 अक्तूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा, जो मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा।