कासगंज। करीब छह दशक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार सोरों के कटरा बाजार स्थित एक बहुचर्चित संपत्ति विवाद में डिक्रीदार को न्याय मिल गया। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अविनाश कुमार मिश्रा के आदेश पर शनिवार को दीवानी अमीन अवधेश कुमार यादव ने सोरों कोतवाली पुलिस बल की मौजूदगी में डिक्रीदार सुशील चंद्र उर्फ हर्षवर्धन उपाध्याय को संपत्ति पर विधिवत कब्जा दिलाया।
मामले की शुरुआत वर्ष 1966 में हुई थी, जब पंडित दामोदर शर्मा आदि के विरुद्ध मूल वाद दायर किया गया था। 4 अक्टूबर 1968 को इस पर फैसला आया, जिसके खिलाफ जनपद न्यायालय एटा में सिविल अपील दाखिल की गई। इसका निस्तारण 25 मार्च 1986 को हुआ। इसके बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा, जहां द्वितीय अपील को 18 अप्रैल 2019 को निरस्त कर दिया गया।
अदालती लड़ाई जीतने के बाद डिक्रीदार सुशील चंद्र की ओर से याचिका प्रस्तुत की गई। विपक्षी पक्ष द्वारा उठाई गई कानूनी पेचीदगियों को खारिज करते हुए अदालत ने संपत्ति पर दखल का अंतिम आदेश जारी किया। सीओ आंचल चौहान ने पुष्टि की कि पुलिस सुरक्षा के बीच दखल दिलाने की कार्रवाई शांतिपूर्वक संपन्न करा दी गई है।