कासगंज। खानपान में लापरवाही और बदलती दिनचर्या के बीच कम उम्र में भी कैल्शियम और विटामिन डी की कमी की समस्या सामने आ रही है। जिला अस्पताल में रोजाना 5 से 6 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं, जिनमें इन पोषक तत्वों की कमी पाई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार, इनकी कमी से हड्डियों और मांसपेशियों की सेहत प्रभावित हो सकती है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन जांच में जिन मरीजों में यह कमी मिलती है, उनमें से अधिकतर 30 साल के आसपास की आयु के रहते हैं। कैल्शियम और विटामिन डी की कमी होने पर हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, इन लक्षणों के अन्य कारण भी संभव हैं। इसलिए बिना जांच के कमी का अनुमान लगाने के बजाय चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है। चिकित्सकों के अनुसार, संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और सुरक्षित तरीके से धूप लेना हड्डियों की सेहत के लिए फायदेमंद है। कैल्शियम या विटामिन डी की सप्लीमेंट बिना चिकित्सकीय सलाह के नहीं लेनी चाहिए।
शरीर में कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है, जबकि विटामिन डी कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। आहार में दूध, दही, पनीर और हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे पोषक खाद्य पदार्थों की कमी से शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता। वहीं, धूप में कम निकलना भी विटामिन डी की कमी की वजह बन सकता है। लक्षण दिखने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
- डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस जिला अस्पताल कासगंज
कमी के मुख्य लक्षण
कासगंज। चिकित्सकों के अनुसार शरीर में इन पोषक तत्वों की कमी होने पर हड्डियों में दर्द या कमजोरी, मांसपेशियों में शिथिलता, लगातार थकान महसूस होना और हड्डियों की मजबूती प्रभावित होने जैसे मुख्य लक्षण दिखाई देते हैं।
बरतें यह सावधानी
कासगंज। इस समस्या से बचने के लिए दूध, दही, पनीर और हरी पत्तेदार सब्जियों को अपने संतुलित आहार में अनिवार्य रूप से शामिल करें। इसके साथ ही नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि व व्यायाम करें और सुरक्षित तरीके से रोजाना धूप लें। कोई भी लक्षण महसूस होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय पंजीकृत चिकित्सक से परामर्श लें।