फोटो 06 कासगंज में एक दुकान पर बिक्री के लिए रखा घेवर व अन्य मिठाई। स्रोत: संवाद
- फोटो : doda news
कासगंज। रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। राखियों और मिठाई की दुकानें ग्राहकों को आकर्षित कर रही है। लेकिन, मिष्ठान कारोबारियों के लिए चीनी की बढ़ती कीमतें एक बड़ी कड़वाहट लेकर आई हैं। चीनी के भाव में लगभग 45 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक की वृद्धि ने मिठाई बनाने की लागत को काफी बढ़ा दिया है।
मिष्ठान व्यापारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि त्योहारों के मौसम में, विशेषकर रक्षाबंधन पर, घेवर की बिक्री कई गुना बढ़ जाती है। इस वर्ष चीनी के साथ-साथ अन्य सामग्री की लागत में भी वृद्धि हुई है, जिससे मिठाई तैयार करने का कुल खर्च बढ़ गया है। इसके बावजूद, ग्राहकों को राहत देने के उद्देश्य से फिलहाल मिठाइयों की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की गई है।
व्यापारी गौरव ने इस स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चीनी मिष्ठान कारोबार की एक अनिवार्य सामग्री है। इसके दामों में वृद्धि का सीधा असर हर प्रकार की मिठाई की उत्पादन लागत पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर, ग्राहक खरीदारी के लिए बाजार में आ रहे हैं, इसलिए दुकानदार अभी भी पुरानी कीमतों पर ही मिठाई बेच रहे हैं। हालांकि, यदि चीनी के दामों में और वृद्धि होती है, तो कारोबारियों के लिए वर्तमान कीमतों को बनाए रखना अत्यंत कठिन हो जाएगा।