कासगंज। जिले में लंपी वायरस से गोवंशीय पशुओं को बचाने के लिए पशुपालन और चिकित्सा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस अभियान के तहत करीब 70 हजार गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। विभाग को बीमारी से बचाव के लिए 24 हजार वैक्सीन खुराक मिल गई हैं।
विभाग ने टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया है। विभागीय योजना के अनुसार यह अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा। पहले चरण में जिले की 21 गोशालाओं में संरक्षित गोवंशीय पशुओं को वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके बाद आठ सितंबर से पशुपालकों के घरों और निजी स्थानों पर पाले जा रहे पशुओं का टीकाकरण शुरू होगा।
पशुपालकों को बीमारी के लक्षणों पर लगातार नजर रखने की सलाह दी जा रही है। किसी भी पशु में बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक को सूचना देनी चाहिए। समय पर उपचार से बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है।
टीकाकरण अभियान की रणनीति
टीकाकरण अभियान के लिए विभाग ने विशेष टीमें गठित की हैं। इन टीमों को पहले गोशालाओं में टीकाकरण का कार्य सौंपा गया है। आठ सितंबर से ये टीमें घर-घर जाकर पशुओं को टीका लगाएंगी। इस रणनीति से जिले के सभी लक्षित पशुओं तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
पशुओं में लंपी वायरस के प्रमुख लक्षण
- तेज बुखार आना
- शरीर पर गांठें या नोड्यूल बनना
- आंखों और नाक से पानी आना
- भूख कम लगना
- पैरों में सूजन और लंगड़ापन
- पशु का वजन कम होना
- दूध उत्पादन में कमी आना
- पशु का सुस्त और कमजोर दिखाई देना
गोवंशीय पशुओं को लंपी वायरस के प्रकोप से बचाने के लिए वैक्सीन लगाई जाएगी। जिले को पहली खेप मिल गई है। - डॉ. मनोज शर्मा, सीवीओ