फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kasganj News: नौ माह में 248 खाद्य नमूनों की जांच में 114 फेल, असुरक्षित पाए गए

विज्ञापन
विज्ञापन
कासगंज। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। नौ माह में जांचे गए 248 खाद्य नमूनों में से 100 अधोमानक और 14 असुरक्षित पाए गए हैं। इन परिणामों ने खाद्य सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विज्ञापन

विभाग ने कुल 382 खाद्य नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। इनमें से 248 नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जबकि शेष 134 नमूनों की रिपोर्ट अभी लंबित है। जांच परिणामों से स्पष्ट है कि जिले में मिलावट का खेल लगातार जारी है। थोड़े से मुनाफे के लिए मिलावटखोर उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। दोषियों पर कुल 8.74 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। हालांकि, छापेमारी और सख्ती के बावजूद नियमों का उल्लंघन जारी है और मिलावटखोरी रोकने की चुनौती बनी हुई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, 1 अप्रैल 2025 से 31 दिसंबर 2026 के बीच प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। इस अवधि में न्यायालय ने 8,74,500 रुपये का अर्थदंड भी दोषियों पर लगाया है।
विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की है। 1 अप्रैल 2025 से 31 दिसंबर 2026 के बीच प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर संबंधित कारोबारियों पर कार्रवाई हुई है। न्यायालय ने कुल 8,74,500 रुपये का अर्थदंड भी दोषियों पर लगाया है। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद जिले में मिलावटखोरी पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लग पाया है। यह विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
विज्ञापन

मिलावट मिलने पर क्या है कानूनी प्रावधान
अधोमानक खाद्य पदार्थ-अधिकतम 5 लाख रुपये तक का जुर्माना।
मिसब्रांडेड उत्पाद- सुधार के निर्देश के साथ जुर्माना।
असुरक्षित खाद्य पदार्थ- गंभीरता के आधार पर 6 माह से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा और 1 लाख से 10 लाख रुपये या उससे अधिक का जुर्माना।
सेहत को गंभीर नुकसान या मृत्यु की स्थिति में- कठोर कारावास और भारी आर्थिक दंड का प्रावधान।

वर्जन
खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए त्योहरों के अलावा भी अभियान चलाकर सैंपल जांच को भेजे जाते हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है- आनंद देव, सहायक आयुक्त्, खाद्य
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें