उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अब एक साल से भी कम समय बचा है। राज्य के राजनीतिक दलों ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में, अमर उजाला की टीम ने 'सक्षम यूपी' कार्यक्रम के तहत कासगंज जिले का दौरा किया है। इस पड़ताल का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के आम जनजीवन पर पड़े असर को समझना था। टीम ने जिले में सरकार के विकास के दावों की असल तस्वीर जानने का प्रयास किया। यह दौरा आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जमीनी हकीकत टटोलने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पड़ताल के माध्यम से सरकारी नीतियों के स्थानीय लोगों पर पड़े प्रभाव को समझा गया। टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। इसका लक्ष्य यह जानना था कि सरकार द्वारा किए गए विकास के वादे कितने पूरे हुए हैं। यह पड़ताल मतदाताओं के मूड को समझने में भी सहायक होगी।
सीएम के सहयोग से ग्रामीणों को मिल रही मूलभूत सुविधाएं
ग्राम प्रधान संध्या कुशवाह ने कहा कि हमारे गांव में योगी आदित्यनाथ द्वारा चलाए हुए उनके मार्ग पर हम ध्यान दे रहे हैं। मुझे क्या करना है? कूड़ा कलेक्शन और बारात, लाइब्रेरी और अंत्यष्ट स्थल और साफ सफाई का विशेष ध्यान दे रहे हैं। आगे कहा कि हमारे गांव में हमने व्यवस्था की है। टंकी से घर-घर पानी की व्यवस्था, पंचायत भवन भी है। शौचालय भी है। सरकार सहयोग कर रही है। मुख्यमंत्री बहुत सुविधाएं दे रहे हैं। उसी हिसाब से काम हो रहा है। उसके मार्ग पर ही हम लोग चल रहे हैं। आगे कहा कि हम लोगों को बहुत अच्छा लगता है। जब सरकार पूरी तरह से हम लोगों को सहयोग देती है। हमें सम्मान भी मिला है। हम काम भी करवा रहे हैं। पूरा सहयोग मिल रहा है। हमें मुख्यमंत्री सम्मान मिला है। हम प्रधान हैं और पंचायत में सभी लोग खुश हुए कि हमारी पंचायत को सम्मान मिला है। सभी लोगों को और मुझे भी बहुत अच्छा एहसास हुआ है। हम महिला होके हमारी महिला आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री के द्वारा उन्होंने इतना सहयोग दिया है कि हमारी महिला हर काम में आगे बढ़ रही हैं। महिलाओं को मतलब हर चीज में योगदान मिल रहा है। सब सुविधा मिल रही है।
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ऑर्गेनिक फार्मिंग से कृषि के क्षेत्र में हुआ बदलाव
जैविक किसान गोपाल महेश्वरी ने बताया कि मैं एक बिजनेसमैन हूं। मैं एक व्यवसायी हूं। लेकिन मुझे शौक है एग्रीकल्चर का। कृषि से जुड़ा रहता हूं। मैं फार्मिंग की है।मैंने पौधे लगाए हुए हैं। लगभग 2000 पौधे मैंने आम के लगाए हुए हैं। जिसमें काफी उन्नत वैरायटियां हैं। सघन बागवानी जो होती है, वो चीज मैंने इसमें की है। जैसे ये एक टॉमी एकिनंस का पेड़ है। ये दो साल का पौधा है। इस पर भरभर के फल आ रहा है। इसका फल काफी अच्छा और मीठा शुगर फ्री एक प्रकार से ये आम है। इसके अलावा मैंने सब पूसा की काफी वैरायटियां हैं। पूसा अंबिका है, पूसा अरुणिका है, अरुणमा है और आपका पूसा पीतांबर है, पूसा सूर्य है और जोआम की वैरायटियां हैं। जैसे दशहरी है, चौसा है, ये तो सभी लगी हुई हैं। बाकी विदेशी वैरायटियां भी हैं। इसमें काफी वैरायटियां मैंने लगाई हुई हैं। 200 पौधे मेरे सेब के लगे हुए हैं। जिसमें हरमन 99 और एक गोल्डन डोरेस्ट करके है। एक अन्ना वैरायटी है। ये भी वैरायटियां यहां लगाई हुई है। वो काफी सक्सेस है। उन पर फल भी आ रहा है। केवल एक साल में ही उस पर सेब भी आ रहा है। इसके अलावा मैंने अमरूद की कई वैरायटियां लगाई हुई हैं। लीची, चीकू, आड़ू, आड़ू बखारा सभी तरह के फल फ्रूट्स यहां पर लगाए हुए हैं।
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कासगंज में बदली पुलिस लाइन की तस्वीर
एसपी कासगंज ओपी सिंह ने बताया कि एक पूरी व्यवस्था होती है। जब भी कोई जनपद बनता है। उसके पीछे से लेकर के निरंतर एक प्रक्रिया होती है। शासन से जब भी कोई जनपद का नया निर्माण होता है। इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर के उसमें आदेश निर्देश रहते हैं। ये वर्ष 2008 में जनपद कासगंज बना था। उसके बाद आज की डेट में न सिर्फ पुलिस बल्कि एडमिनिस्ट्रेटिव जुडिशरी सारे इंफ्रास्ट्रक्चर जो जनपद कासगंज का आप देखेंगे। हर विभाग का इंफ्रास्ट्रक्चर यहां बहुत ही बेहतरीन टाइप का है। इसके लिए आपको निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश सरकार को संबंधित एजेंसी को साधुवाद देना चाहिए। स्पेशली पुलिस के पॉइंट ऑफ व्यू से मैं आपको यह बताना चाहूंगा कि पुलिस वो एक ऐसा विभाग होती है। जिससे उम्मीदें बहुत रहती है। शासन को भी, प्रशासन को भी, समाज को भी। समाज यह चाहता है कि हर सुखदुख की घड़ी में पुलिस उसके बीच रहे। 24 घंटे वह तत्पर रहे। सुरक्षा का दायित्व उसके ऊपर होता है। इस जनपद में बेसिकली एक चीज जो मैंने महसूस की है। मैंने अपनी आंखों से देखा है। जब से यह नवनिर्मित पुलिस लाइन का निर्माण हुआ है। हमारे जो पुलिस परिवार के लोग, जो यहां जिनकी नियुक्ति हुई है। अपने परिवार को रख के हर दृष्टिकोण से, वो एक तरीके से निश्चिंत होकर के अपना काम कर सकते हैं। शिक्षा की व्यवस्था है। उचित खेल कूद की व्यवस्था है। उचित आवास की व्यवस्था है। एक कुल मिलाकर के जो माहौल है वो यहां है। एक पुलिसकर्मी, पुलिस अधिकारी अपने परिवार को रखता है तो वह अपनी उन उत्तरदायित्व से अपनी जिम्मेदारियों से लेकर के चिंतित नहीं होता है। वह अपना 100% योगदान देता है और डायरेक्ट इसका लाभ पब्लिक को मिलती है।
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कासगंज जिला अस्पताल में बढ़ीं स्वास्थ्य सुविधाएं
नेत्र सर्जन (चीफ मेडिकल सुप्रिटेंडेंट) डॉक्टर संजीव सक्सेना ने बताया कि हमारे पास मॉडर्न जितनी फैसिलिटी है। सरकार धीरे-धीरे बढ़ाती जा रही है। हमारे पास पूरी सुविधा है। सिटी स्कैन है। हमारे पास अल्ट्रासाउंड की कई तरह की मशीनें हैं। पोर्टेबल से लेकर और टू डी 3D एक्सरे मशीनें हैं। उसमें भी एक्सरे में भी पोर्टेबल मशीनें हैं। हमारे पास गायनिक सर्जरी के लिए सारे इक्विपमेंट्स हैं। हम जितने भी रेफर आते हैं हमारे जिले के बाहर के जिले के गायनिक सर्जरी सारी यहां होती है। इमरजेंसी का बहुत अच्छा मैनेजमेंट है। इमरजेंसी में पहले हमारे पास डॉक्टर ही नहीं थे। अब हमारे पास इतने डॉक्टर हैं कि हमें जब भी जरूरत होती है तो दो-दो डॉक्टर लग जाते हैं। हमारे पास एक डॉक्टर इस तरह से रहता है कि जो स्पेशलिटी का है। जिसको जरूरत पड़ जाए तो उसे बुला लिया जाता है। यहां 2000 के करीब मरीज रोजाना आते हैं। जबकि पहले 600 मरीज थे।
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