गंजडुंडवारा। कस्बा के पंचायती बाग में चल रही शिवमहापुराण के पांचवें दिन रविवार को कथा व्यास से आचार्य गणेशानंद महाराज ने शिव विवाह की कथा का वृतांत सुनाया। उन्होंने कहा कि शिवमहापुराण मंगलकारी और दिव्य मानी गई है। उन्होंने बताया कि माता पार्वती की तपस्या सती के आत्मदाह के बाद उन्होंने पर्वतराज हिमालय और मैना के घर पार्वती के रूप में जन्म लिया। नारद मुनि के निर्देशानुसार भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए पार्वती ने हजारों वर्षों तक घोर तपस्या की। उनकी अडिग आस्था देख शिवजी प्रसन्न हुए और विवाह के लिए तैयार हो गए। शिव-विवाह पर गाए गए धार्मिक भजनों पर श्रद्धालु जमरक झूमे। इस मौके पर सर्वेश कुमार गुप्ता, स्कंद महाजन, योगेश गुप्ता, राकेश गुप्ता, चेतन्य महाजन, सुनीता देवी, जोगेश गुप्ता, धर्मेन्द्र सोलंकी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।