कासगंज। जिले के ग्रामीण इलाकों में बिजली विभाग की लापरवाही किसानों और राहगीरों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। सहावर क्षेत्र के नगला भम्मा में शनिवार को हाईटेंशन (एचटी) लाइन की चपेट में आने से एक ट्रैक्टर चालक की मौत ने विभाग के दावों की पोल खोल दी है।
ठीक एक साल पहले इसी क्षेत्र के म्यासुर गांव में भी खेत से चिकोरी की फसल लेकर आ रहे एक अन्य ट्रैक्टर चालक की करंट से जान चली गई थी। लगातार हो रहे इन जानलेवा हादसों के बावजूद विद्युत निगम झूलते तारों और पेड़ों की छंटाई के लिए गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
चंदवा निवासी लालसिंह ने बताया कि गांवों तथा अहरौली से काली नदी मार्ग पर एचटी लाइन के तार काफी नीचे लटक रहे हैं, जो पेड़ों की शाखाओं को छू रहे हैं। तेज हवा और बारिश के दौरान इन तारों के टूटने या पेड़ों में करंट फैलने का डर हमेशा बना रहता है।
खेतों में काम करने वाले किसान और राहगीर हर समय जोखिम में रहते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बाद भी विभाग कोई स्थायी समाधान नहीं कर रहा है।
लोगों की बात
अहरौली से काली नदी की ओर जाने वाले मार्ग पर एचटी लाइन के तार काफी नीचे झूल रहे है। झूलते तारों से हादसों की आशंका बनी रहता है। -अमन, निवासी अहरौली।
गांव-गांव एचटी लाइन के तार काफी नीच है गए है। झूलते तारों का निरीक्षण कराकर पोल लगाए जाएं ताकि हादसों को रोका जा सके। - पुष्पेंद्र , निवासी चंदवा सोरोंजी।
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वर्जन:
जिन स्थानों पर एचटी लाइनों के तारों के झूलने की शिकायतें मिल रही हैं, वहां तत्काल लाइनमैन और कर्मियों को भेजकर समस्या को ठीक कराया जाएगा। पहले 100 मीटर की दूरी पर पोल लगाए जाते थे, लेकिन अब तारों का ढाल कम करने के लिए 50 से 60 मीटर की दूरी पर पोल लगाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को झूलते तारों की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल सके।- एनके प्रसाद, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम कासगंज