कासगंज। उमस और तेज गर्मी ने लोगों की सेहत पर बुरा असर डालना शुरू कर दिया है। मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण जिला अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शनिवार को रिकॉर्ड करीब 1300 मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। इनमें से गंभीर हालत होने पर 28 मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।
उमस और तेज गर्मी ने लोगों की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है। मौसम में आए बदलाव के बीच जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई। शनिवार को ओपीडी और इमरजेंसी में करीब 1300 मरीज उपचार के लिए पहुंचे, जबकि गंभीर हालत होने पर 28 मरीजों को भर्ती करना पड़ा। अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को सबसे ज्यादा 298 मरीज बुखार से पीड़ित पहुंचे। इसके अलावा सांस संबंधी दिक्कतों के 224 और डायरिया (उल्टी-दस्त) के 70 मरीज दर्ज किए गए। वायरल इन्फेक्शन, स्किन एलर्जी और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या भी सामान्य दिनों के मुकाबले काफी ज्यादा रही।
चिकित्सकों के अनुसार, हवा में अत्यधिक उमस, गर्मी और नमी के कारण बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनप रहे हैं। दूषित पानी और बाहर के खानपान की वजह से पेट के मरीज बढ़ रहे हैं, जबकि तेज धूप के कारण लोग डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का शिकार हो रहे हैं। डॉक्टरों ने इस मौसम में उबला या साफ पानी पीने, बासी भोजन से बचने और धूप में निकलने पर सावधानी बरतने की सलाह दी है। अस्पताल में भर्ती सभी 28 मरीजों की हालत स्थिर है और उनका इलाज जारी है।
डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस
बॉक्स : बचाव, लक्षण और सावधानी
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
-बुखार, सिर दर्द और कमजोरी
-उल्टी-दस्त और पेट दर्द
-सांस लेने में दिक्कत
-शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
ऐसे करें बचाव
-उबला या साफ पानी पिएं
-ताजा और घर का बना भोजन करें
-ओआरएस का सेवन करें
-हल्के व सूती कपड़े पहनें
-खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें
-धूप में अनावश्यक बाहर न निकलें
-बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
-लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करें