फोटो 11 बारिश व तेज हवाओं से गांव छावनी के खेतों में बिछी धान की फसल।संवाद
कासगंज। महीनों की मेहनत के बाद फसल घर पहुंचने का इंतजार कर रहे किसानों की चिंता मौसम ने बढ़ा दी है। बृहस्पतिवार को आई आंधी और बारिश से खेतों में खड़ी फसल प्रभावित हुई, तो शुक्रवार सुबह हुई बूंदाबांदी ने मुसीबत और बढ़ा दी। किसानों के लिए यह समय फसल समेटने का है लेकिन बदलता मौसम उनकी मुश्किलें बढ़ा रहा है। बेमौसम बारिश की आशंका लिए किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हैं। उन्हें आस है कि मौसम साफ रहे तो वे उपज को सुरक्षित स्थान पर रखवा सकें। इसलिए किसान फसलों की कटाई करने में जुटा है, लेकिन मौसम उनकी बाधा बन रहा है। आंधी बारिश से कहीं धान की फसल को नुकसान की आशंका है, तो कहीं खेत में कटा बाजरा बारिश में भीगने के डर से किसानों की बेचैनी बढ़ा रहा है। किसानों के सामने अब फसल बचाने की चुनौती है। वहीं, उड़द की फसल पर संकट देखा जा रहा है। किसान -राजकुमार लोधी का कहना है कि धान की फसल पर मौसम की मार पड़ी है। तेज हवा और बारिश से फसल को नुकसान पहुंचा है। जगदीश कुशवाह का कहना है कि खेत में धान और बाजरा दोनों की फसल है। मौसम खराब रहने से उन्हें दोनों फसलों की चिंता सता रही है। वहीं, अंशुल शर्मा का कहना है कि दो बीघा उड़द की फसल बो रखी थी। फसल पूरी तरह तैयार है। आंधी,बारिश से फलियां झड़ गई। फसल भीगने से कटाई प्रभावित होगी। उप कृषि निदेशक महेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश और आंधी से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। फसल बीमा कराने वाले किसान अपनी प्रभावित फसलों का विवरण पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं, ताकि नुकसान के संबंध में जानकारी उपलब्ध हो सके