गंजडुंडवारा। थाना क्षेत्र के एक गांव में चार साल की बच्ची की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। मक्का के खेत में 9 जून को उसका शव मिला था। मामले में पुलिस ने वारदात में शामिल दूसरे आरोपी अजय को भी सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मास्टरमांइड पूर्व प्रधान कमलेश शाक्य को एक दिन पहले ही गिरफ्तार किया गया था।
गंजडुंडवारा के एक गांव में रहने वाला युवक फरीदाबाद (हरियाणा) में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। वह 6 जून को परिवार के एक बीमार व्यक्ति का हालचाल जानने के लिए गांव आया था। उसी दिन शाम करीब पांच बजे उनकी चार वर्षीय बेटी का घर के बाहर खेलते समय अपहरण कर लिया गया था।
बच्ची के अपहरण की सूचना मिलने पर एसपी ओपी सिंह, एएसपी सुशील कुमार, सीओ पटियाली अमित कुमार ने कई टीमों के साथ सर्च ऑपरेशन चलाया था। 9 जून को बच्ची का शव गांव से महज 250 मीटर की दूरी पर मक्का के खेत में मिला था।
मामले में एडीजी आगरा जोन एसके भगत, डीआईजी अलीगढ़ रेंज प्रभाकर चौधरी, एससी-एसटी आयोग की तीन सदस्यीय जांच टीम और राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ ने गांव पहुंचकर परिवार से मुलाकात की थी। उन्हें आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
वारदात के 12 दिन बाद पुलिस ने रविवार को मामले के मास्टमाइंड पूर्व प्रधान कमलेश शाक्य को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने घटना का पर्दाफाश करते हुए बताया था कि पूर्व प्रधान की 2021 के प्रधानी के चुनाव से बच्ची के परिवार से रंजिश चली आ रही थी। गांव में अपने दबदबे को बनाए रखने के लिए उसने सह-आरोपी अजय के साथ मिलकर बच्ची के अपहरण और हत्या की साजिश रची थी। उसके इशारे पर आरोपी अजय ने वारदात को अंजाम दिया था। सीओ पटियाली अमित कुमार ने बताया कि पुलिस ने सोमवार को दूसरे आरोपी अजय को भी गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।
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हत्या के बाद गांव से बाहर फेंक दिए थे खून से सने कपड़े
कासगंज। पुलिस ने बच्ची की हत्या के मामले में आरोपी अजय से पूछताछ की तो उसने बताया कि प्लानिंग के तहत वे लोग बच्ची को अगवा करके एक सुनसान स्थान पर ले गए। जहां उसकी हत्या कर दी। उसी रात पुलिस ने सूचना मिलने पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया था इसलिए बचने के लिए खून से सने कपड़ों को गांव से बाहर ले जाकर फेंक दिया था। पुलिस विवेचना के दौरान इसे साक्ष्य के तौर पर शामिल करेगी। अब पुलिस एफएसएल लैब भेजे गए सैंपलों की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। ताकि पुख्ता सुबूत के साथ कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा सके। संवाद