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Kasganj News: अंतिम रिपोर्ट पलटी, हत्या के मामले में आरोपी फिर रडार पर

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कासगंज। कथित आत्महत्या का एक मामला अब न्यायिक आदेश के बाद हत्या में बदल गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट खान जीशान मसूद की अदालत ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। अदालत ने तीन आरोपियों को हत्या और धमकी के आरोप में तलब करने का आदेश दिया है।
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आरोपियों की पेशी के लिए 16 जून की तारीख तय की गई है। यह मामला गांव निवासी सत्यराम की शिकायत से जुड़ा है। सत्यराम ने आरोप लगाया था कि उनके पुत्र पूरन सिंह को 11 अक्तूबर 2021 को पुरानी रंजिश में किशनपाल, श्यामपाल और जयपाल ने गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल पूरन सिंह ने इलाज के दौरान 5 मार्च 2022 को दम तोड़ दिया था।
पुलिस ने अपनी जांच में इसे आत्महत्या बताया था। पुलिस ने विवेचना में बताया था कि पूरन सिंह ने स्वयं को गोली मारी थी। पुलिस ने इसे तीनों को झूठे मामले में फंसाने का प्रयास बताया था। इसी आधार पर पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की थी।
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गवाहों के बयान से केस का रुख बदला

पुलिस के निष्कर्ष से असहमति जताते हुए मृतक के पिता सत्यराम ने अदालत में विरोध याचिका दाखिल की। इसके बाद अदालत ने पूरे रिकॉर्ड की दोबारा जांच की। मृतक की पत्नी पूनम और सास शीतला देवी ने अदालत में बयान दर्ज कराए। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के दिन तीनों आरोपी तमंचा लेकर घर पहुंचे थे और किशनपाल ने गोली चलाई थी। पूनम ने कहा कि आरोपियों ने दरवाजे के बाहर से गोली चलाई, जो सीधे पूरन सिंह को लगी।


चिकित्सा रिपोर्ट में गंभीर चोट के संकेत

शीतला देवी ने भी आरोपियों को घटना से पहले हथियार के साथ आते देखा था। इन बयानों ने पुलिस की आत्महत्या पर सवाल खड़े कर दिए। चिकित्सा और शव परीक्षण रिपोर्ट भी मामले में महत्वपूर्ण रही। रिपोर्ट में गोली के घाव पर ब्लैकनिंग और टैटूइंग का उल्लेख था, जो नजदीक से फायरिंग का संकेत देते हैं। चिकित्सकों ने मृत्यु का कारण संक्रमण और सेप्टिसीमिया बताया।
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