फोटो 21 - सहकारी समिति कासगंज में खाद के लिए खड़े किसान। स्रोत : संवाद
कासगंज। रबी की फसलों की बुवाई का समय नजदीक आते ही खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। सहकारी समितियों की हड़ताल के कारण खाद वितरण व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है जिससे किसान खाद के लिए भटकने को मजबूर हैं।
विभाग की ओर से क्रय-विक्रय और इफको समितियों के जरिए खाद उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन मैदानी स्तर पर किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। गेहूं और सरसों की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों का कहना है कि इस अहम वक्त पर खाद न मिलने से फसल प्रभावित होने की आशंका सता रही है।
किसान राजेंद्र ने बताया कि एक सप्ताह बाद गेहूं की बुवाई शुरू होनी है लेकिन समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। वहीं, किसान राजाराम ने कहा कि सरसों की बुवाई का मुख्य समय चल रहा है और खाद न मिलने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों की बढ़ती शिकायतों के बीच कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में उर्वरकों का कोई संकट नहीं है। जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार के अनुसार, जनपद में यूरिया (21,530.01 मीट्रिक टन), डीएपी (6,507.33 मीट्रिक टन), एनपीके (3,417.66 मीट्रिक टन), एमओपी (835.92 मीट्रिक टन) और एसएसपी (641.05 मीट्रिक टन) उपलब्ध है।
विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे जरूरत के अनुसार ही खाद खरीदें, निर्धारित दरों से अधिक भुगतान न करें और खरीदारी के वक्त दुकान से पक्की रसीद अवश्य लें।