कासगंज। फर्जी शैक्षिक दस्तावेज के आधार पर शिक्षक की नौकरी करने का मामला सामने आने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के अंकपत्र जाली मिलने पर आरोपी शिक्षक की सेवा समाप्त कर दी गई है। उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। वर्ष 2005 में एटा जिले से शिक्षक पद पर तैनाती हुई थी। सिढ़पुरा क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला कुल्ली में तैनात अध्यापक रामप्रताप सिंह पाल गांव जलालपुर साथल विकास खंड सकीट जनपद एटा का निवासी है। शिक्षक के विरुद्ध फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी करने की शिकायत तीन से चार वर्षों से जिलाधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में की जा रही थीं। विभाग ने कई चरणों में जांच कराई। जांच के दौरान शिक्षक के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के प्रमाणपत्र माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ भेजे गए। जुलाई 2025 में प्राप्त रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। रिपोर्ट के अनुसार शिक्षक के अंकपत्रों में दर्ज अनुक्रमांक पर किसी अन्य व्यक्ति का नाम दर्ज पाया गया, जिससे प्रमाणपत्र फर्जी साबित हुए। खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र अहिरवार ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की। शिक्षक को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। इसके बाद रिमाइंडर और कारण बताओ नोटिस भी भेजे गए। सेवा समाप्ति की चेतावनी के बावजूद शिक्षक की ओर से किसी भी नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया। इस पर शिक्षक की सेवा समाप्त कर दी गई है। बीएसए के आदेश पर सिढ़पुरा थाने में तहरीर दी गई है।