सोरोंजी। तीर्थनगरी इन दिनों कांवड़ मेले की रौनक और शिवमय माहौल से सराबोर है। मौसम की बाधा और बारिश की फुहारें भी भोले के दीवानों के हौसले नहीं डिगा पाईं, और अटूट आस्था के साथ सतरंगी कांवड़ें थामे कांवड़ियों की टोलियां अपने गंतव्य की ओर निरंतर बढ़ रही हैं।
मंगलवार को भरतपुर के जोतरौली गांव से आए 19 कांवड़ियों के जत्थे ने आकर्षण का केंद्र बनते हुए 501 लीटर गंगाजल की विशाल कलश कांवड़ उठाई। ''हर हर महादेव'' के गगनभेदी जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। तीर्थनगरी के लहरा गंगाघाट और पड़ोसी जनपद बदायूं के कछला गंगाघाट पर शिवभक्तों का तांता लगा हुआ है। लहरा घाट के मार्ग पर गंगा का पानी आने के कारण कई टोलियां कछला घाट से जल भर रही हैं।
बरसात के बीच भी शिवभक्तों के कदम नहीं रुके। भरतपुर के कांवड़िए अमन चौधरी और श्रीकांत ने बताया कि उनकी यह टोली (जिसमें सोनू, अशोक, प्रदीप, ओमकांत, संग्राम, पिंटू, मुरारी, जगजीत, जयकेश, भागेश, सोनवीर, प्रवीण आदि शामिल हैं) आगामी 10 अगस्त को अपने गांव के प्राचीन शिव मंदिर पहुंचेगी। जहां विधि-विधान से भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा। दोनों ही प्रमुख घाटों पर मेला प्रशासन और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
निभा रहे हैं परंपरा
- पांच वर्ष से निरंतर सावन मास में गंगाजल लेने आता हूं। हमारे परिवार के बुजुर्ग भी गंगाजल लेने आते थे। वही परंपरा का निर्वाह निरंतर कर रहे हैं। - अमन चौधरी
- हम 19 साथी सात कलश कांवड़ों में 501 लीटर पवित्र गंगाजल ले जा रहे हैं। पवित्र गंगाजल से भोले बाबा का अभिषेक कर उनसे परिवार व गांव में सुख समृद्धि संपन्नता का आशीर्वाद मांगेंगे। - श्रीकांत
फोटो 23-सोरोंजी से गुजरती भरतपुर के कांवड़ियों की टोली। स्रोत संवाद
फोटो 23-सोरोंजी से गुजरती भरतपुर के कांवड़ियों की टोली। स्रोत संवाद