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- खेत हुए जलमग्न, पिछैती फसलें खेतों में गिरीं
संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज। बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी और पकने की कगार पर पहुंची धान, बाजरा व मक्का की फसलें जलमग्न होने के साथ कई स्थानों पर जमीन पर बिछ गई हैं। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं।
खरीफ सीजन के तहत अगहेती फसलें पककर तैयार थीं और किसानों ने कटाई भी शुरू कर दी थी लेकिन खेतों में पानी भरने से कटी हुई फसलें भी खराब होने लगी हैं। वहीं, पिछैती फसलें तेज हवाओं के झोंके से खेतों में गिर पड़ी हैं।
विकट परिस्थितियों में किसान अपनी फसल बचाने के लिए खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। मोहनपुरा के गांव अफजलपुर में किसान मोहनलाल ने अपनी 10 बीघा पकी धान की फसल को बचाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली पर पंप सेट लगाकर 10 घंटे से अधिक समय तक लगातार खेत से पानी निकाला। उनका कहना है कि यदि समय रहते पानी न निकलता, तो दाने सड़ने से पूरी फसल बर्बाद हो जाती।
किसानों ने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से फसल नुकसान का विशेष सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग की है, ताकि इस आपदा से उन्हें कुछ राहत मिल सके।
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बारिश से फसलों को नुकसान
सोरोंजी के लहरा, कादरवाड़ी, पिलोसराय, बिहारी नगला, हिमायूंपुर, होडलपुर, नगला भूतल, नगला सेढ़ू, रामनगर, मिल्किनियां, मानपुर नगरिया, गऊपुरा, दतलाना और प्रहलादपुर समेत कई गांवों में लगातार बारिश से फसलें प्रभावित हुई हैं। वहीं, सिढ़पुरा में तैय्यबपुर, पहलोई, किलोनी, विलोटी और कमालपुर समोठी समेत कई गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। खेतों में पानी भरने से धान, बाजरा, मक्का, हरा चारा और घुइयां की फसलें प्रभावित हुई हैं।
ढोलना में खड़ी फसलें गिरीं
ढोलना में लगातार बारिश और तेज हवाओं से छावनी, नगला थनी, घिनौना समेत कई गांवों में फसलों को काफी नुकसान हुआ है। खेतों में पानी भरने से धान, बाजरा समेत अन्य फसलें प्रभावित हुई हैं। कई जगह खड़ी फसलें गिर गईं।
क्या बोले किसान
पट्टे पर लेकर 24 बीघा में धान-बाजरा बोया था। खेत में फसल बिछ गई और पानी भर गया। सर्वे कराकर सहायता मिलनी चाहिए। -गजराज सिंह, किसान नगला ढाके
धान पकने की अवस्था में है। खेत में पानी भरने और फसल गिरने से दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। -रामनिवास, किसान पिलोसराय
मक्का की फसल को काटकर खेत में ही डाल दिया था। बारिश से खेत में पानी भर गया। फसल खराब होने से नुकसान होगा। -ग्रीश पांडेय, किसान पहलाद चक
धान के खेत में बारिश का पानी भर गया। फसल खेत में गिर गई है। जड़ें कमजोर हो जाने से फसल को नुकसान होने की आशंका है। -भीम सेन, सुजातगंज
फोटो 18 कासगंज में खेत में बिछी धान की फसल में भरा पानी। स्रोत: संवाद
फोटो 18 कासगंज में खेत में बिछी धान की फसल में भरा पानी। स्रोत: संवाद
फोटो 18 कासगंज में खेत में बिछी धान की फसल में भरा पानी। स्रोत: संवाद
फोटो 18 कासगंज में खेत में बिछी धान की फसल में भरा पानी। स्रोत: संवाद
फोटो 18 कासगंज में खेत में बिछी धान की फसल में भरा पानी। स्रोत: संवाद
फोटो 18 कासगंज में खेत में बिछी धान की फसल में भरा पानी। स्रोत: संवाद
फोटो 18 कासगंज में खेत में बिछी धान की फसल में भरा पानी। स्रोत: संवाद
फोटो 18 कासगंज में खेत में बिछी धान की फसल में भरा पानी। स्रोत: संवाद