फोटो 06 कासगंज की बंद सहकारी समिति। संवाद
कासगंज। जिले में कर्मचारियों की तीन दिन से जारी प्रदेशव्यापी हड़ताल के चलते सभी 36 सहकारी समितियों पर खाद वितरण ठप है। इससे आलू की गड़ाई के साथ सरसों, मटर और गेहूं की बुवाई प्रभावित हो रही है। समय पर खाद नहीं मिलने से किसानों को फसल की बुवाई में देरी और उत्पादन पर असर पड़ने की चिंता सता रही है। इन दिनों बुवाई का समय चल रहा है। कर्मचारियों की हड़ताल से इसके प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हो गई है। किसानों को बीते तीन दिन से खाद नहीं मिली। वे सहकारी समितियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में राई-सरसों की बुवाई का लक्ष्य 26,162 हेक्टेयर है। इसके सापेक्ष 13,701 हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी है। सामान्य बुवाई का समय अक्तूबर के मध्य से 25 अक्तूबर तक माना जाता है। जिले में 5,300 हेक्टेयर में आलू की खेती का लक्ष्य है। मुख्य फसल की गड़ाई के लिए 15 से 25 अक्तूबर का समय महत्वपूर्ण माना जाता है। जिले में गेहूं की बुवाई का लक्ष्य 88,983 हेक्टेयर, जौ का 2,332, चने का 72, मसूर का 2,565, अलसी का नौ और मटर का 10,000 हेक्टेयर है। किसानों को इन फसलों के लिए भी खाद की जरूरत है। एआर को-आपरेटिव अशोक कुमार, ने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सहकारी समितियां बंद हैं, जिससे खाद वितरण प्रभावित हो रहा है। जल्द हड़ताल समाप्त होने की उम्मीद है।